सऊदी अरब में हो गई थी विजय की मौत, 3 महीने बाद भी शव तक नहीं सौंप पाई परिवार को सरकार !
गिरिडीह का एक युवक सऊदी अरब जाता है रोजगार की तलाश में, जहां उसकी मौत गोली लगने से हो जाती है. उसकी मौत क्यों और कैसे हुई, ये सुलझना तो दूर विजय का शव भी परिजनों तक नहीं पहुंचाया जा सका.

Jharkhand (Giridih): परिजनों की आंखों के आंसू सूख चुके हैं, न विजय का शव आया न उसके शव का कोई अवशेष, अब तो उम्मीद का बांध भी टूटने लगा है. गिरिडीह का रहने वाला विजय महतो रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गया हुआ था, जहां 24 अक्तूबर को गोली लगने से उसकी मौत हो गई थी. विजय अपने पीछे पत्नी और दो बच्चे छोड़ गया है, जो उसको अंतिम बार देख पाने की आस लगाए बैठे हैं.
मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली विजय के परिजनों से मुलाकात करने पहुंचे थे. उन्होंने मृतक की पत्नी बसंती देवी, दो पुत्र ऋषि और रौशन से मुलाकात की. पत्नी बसंती देवी ने बताया कि उसकी मौत से पहले पति ने उन्हें वॉइस मैसेज किया था, जिसमें उसने गोली लगने की जानकारी दी थी. बताया था कि गोली का निशाना किसी और को बनाया गया था, लेकिन गलती उसे लग गई. उसकी मौत कैसे हुई, इसपर भी सवालिया निशान बना हुआ है.
हादसे के बाद पिछले तीन महीनों से परिजन आशा लगाए हुए हैं कि विजय का शव उन्हें सुपुर्द किया जाएगा. पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, और न बच्चे ही अच्छे से रह पा रहे हैं. सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली ने कहा कि वे सरकार के समक्ष मांग रखेंगे कि विजय का शव अथवा उसके अवशेषों को उनके परिवार को सौंपने की व्यवस्था की जाए. साथ ही उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे मुआवजे को लेकर भी सरकार से मांग करेंगे.
रिपोर्ट: मनोज कुमार पिंटू









