'मोबाइल पढ़ाई के लिए चलाइए, बर्बादी के लिए नहीं'...बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम में छात्राओं को मिला बड़ा संदेश,
दुर्गा बालिका उच्च विद्यालय में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना, कन्या उत्थान योजना, महिला हेल्पलाइन 181 और बाल विवाह रोकथाम के प्रति जागरूक किया गया।


लखीसराय: महिला एवं बाल विकास निगम, लखीसराय के द्वारा दुर्गा बालिका उच्च विद्यालय में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्राओं को महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं, डिजिटल जागरूकता और बाल विवाह रोकने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास निगम के जिला परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार सिन्हा ने की। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं और किशोरियों के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के लिए मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना चलाई जा रही है।
BPSC और UPSC की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता
मनोज कुमार सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के तहत बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए ₹50 हजार और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए ₹1 लाख तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। उन्होंने छात्राओं से यह भी अपील की कि वे मोबाइल फोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से पढ़ाई और सकारात्मक कार्यों के लिए करें। उनका कहना था कि सोशल मीडिया का अत्यधिक और गलत इस्तेमाल युवाओं के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, इसलिए शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
महिला हेल्पलाइन और सरकारी योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण केंद्र (DHEW) के जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार ने बताया कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का मुख्य उद्देश्य बेटियों के अस्तित्व की रक्षा करना, उनके स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और सशक्तिकरण को सुनिश्चित करना है। उन्होंने छात्राओं को घरेलू हिंसा या अन्य समस्याओं के मामले में महिला हेल्पलाइन 181 के बारे में जानकारी दी और जरूरत पड़ने पर इस सेवा का उपयोग करने की सलाह दी। इसके साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के बारे में भी विस्तार से जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में लैंगिक विशेषज्ञ किस्मत कुमारी ने बाल विवाह के दुष्प्रभावों पर चर्चा करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक सामाजिक कुरीति नहीं है, बल्कि यह कानून के खिलाफ भी है। उन्होंने बताया कि जब लड़कियों की शादी कम उम्र में होती है, तो इसका उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण पर दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे बाल विवाह का विरोध करें और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाएं। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्राओं ने बाल विवाह रोकने की सामूहिक शपथ भी ली।

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