'छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज', रांची में बोलीं AISA अध्यक्ष नेहा बोरा
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद के बीच AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने रांची में छात्र आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने 14वीं JPSC और JSSC CGL परीक्षा रद्द करने समेत कई मांगें उठाईं।

Ranchi: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने रांची में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर झारखंड के चल रहे छात्र आंदोलन को खुला समर्थन दिया है। इस दौरान उन्होंने JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की मांगें पूरी तरह से जायज हैं और AISA हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
छात्रों की तीन प्रमुख मांगें और निजी एजेंसियों पर सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेहा बोरा ने आंदोलनरत छात्रों की तीन मुख्य मांगों को दोहराया। उन्होंने मांग की कि कथित धांधली के गंभीर आरोपों के चलते 14वीं JPSC परीक्षा को तत्काल रद्द कर पुनः परीक्षा (री-एग्जाम) कराई जाए। इसके साथ ही JSSC CGL परीक्षा को भी रद्द कर दोबारा आयोजित करने की मांग की गई। उन्होंने यह भी जोर दिया कि टीडीपीएल (TDPL) और एनटीए (NTA) जैसी निजी एजेंसियों से परीक्षाएं कराने की पूरी व्यवस्था को समाप्त किया जाए और सरकारी संस्थानों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाए ताकि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और पूर्ण जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
विधानसभा मार्च के दौरान नेहा बोरा पर फेंकी गई स्याही
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बिरसा मुंडा चौक से छात्र आंदोलन के समर्थन में विधानसभा की ओर एक मार्च निकाला गया। इसी दौरान एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक युवक ने अचानक स्याही फेंक दी। हालांकि, मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए आरोपी युवक को दबोच लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। नेहा बोरा ने जानकारी दी कि पकड़े गए आरोपी की पहचान अमरनाथ पांडे के रूप में हुई है, जिसकी उम्र 26 वर्ष है और वह हजारीबाग का रहने तथा विनोबा भावे विश्वविद्यालय का छात्र है। फिलहाल इस पूरे मामले की पुलिस जांच कर रही है।
10 अगस्त को बड़े आंदोलन का ऐलान और आरोपों पर सफाई
नेहा बोरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी आरोप लगाया कि राज्य में चल रहे इस छात्र आंदोलन को कमजोर करने की सुनियोजित कोशिश की जा रही है। उन्होंने सत्ता पक्ष और 'इंडिया' गठबंधन से अपील की कि वे छात्रों की मांगों पर सकारात्मक पहल करें। उन्होंने घोषणा की कि आगामी 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा मार्च में AISA पूरी ताकत और संख्या बल के साथ शामिल होगी। वहीं, जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान लगे कथित "देश विरोधी" नारों के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आरोप पूरी तरह से भ्रामक हैं। उनके अनुसार उस दौरान विरोध प्रदर्शन में सरकार और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई गई थी, न कि देश के खिलाफ, और छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को जानबूझकर बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
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