सुमित हत्याकांड में पुलिस का दबाव आया काम, फुचकुन ने भी कोर्ट में कर दिया सरेंडर
रामगढ़ के सुमित अग्रवाल हत्याकांड में फरार आरोपी पुरुषोत्तम कुमार उर्फ फुचकुन ने पुलिस की लगातार छापेमारी और बढ़ते दबाव के बीच रामगढ़ व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।

Ramgarh: रामगढ़ के न्यू कॉलोनी बगीचा में सुमित अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। मामले में फरार चल रहे एक और आरोपी पुरुषोत्तम कुमार उर्फ फुचकुन ने आखिरकार रामगढ़ व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। इस मामले में अब तक चार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।
लगातार छापेमारी से बढ़ा दबाव
पुलिस के मुताबिक, पुरुषोत्तम की गिरफ्तारी के लिए लगातार बिहार और झारखंड के अलग-अलग जिलों में छापेमारी की जा रही थी। पुलिस की बढ़ती दबिश के बीच उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
इससे पहले पुलिस इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। तीनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कार्रवाई और तेज हो गई थी। ऐसे में फरार चल रहे पुरुषोत्तम पर भी गिरफ्तारी का दबाव बढ़ता जा रहा था।
पत्नी ने कहा था- पुरुषोत्तम के फोन के बाद घर से निकला था सुमित
सुमित की पत्नी मनीषा ने भी पुरुषोत्तम को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। उसके अनुसार, घटना से पहले सुमित अपने घर में ही था। इसी दौरान पुरुषोत्तम ने उसे फोन किया।
फोन आने के बाद सुमित अपनी बाइक लेकर घर से बाहर निकला था। इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटा। बाद में उसकी हत्या की खबर सामने आई।
12 घंटे में पुलिस ने खोल दिया था हत्या का राज
सुमित हत्याकांड के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। डीएसपी हेडक्वार्टर अकरम रज़ा और रामगढ़ थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वारदात के महज 12 घंटे के अंदर मामले का उद्भेदन कर लिया था।
28 जुलाई की रात हुई हत्या के तीन दिन बाद 1 अगस्त को सूरज कुमार दास उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके बाद 3 अगस्त को सुमित सोनी और अभिषेक कुमार साहू को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
नशे के कारोबार और पैसों के लेन-देन को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि नशे के कारोबार और लेन-देन को लेकर सुमित के साथ उनका विवाद हुआ था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट और फिर हत्या तक पहुंच गया।
आरोप है कि इसी दौरान सुमित पर पीछे से चाकू से हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, इस वारदात में पुरुषोत्तम कुमार भी शामिल था।
तीन गिरफ्तारी के बाद चौथे आरोपी ने भी कोर्ट की शरण ली
तीन आरोपियों के जेल जाने के बाद पुलिस अब फरार पुरुषोत्तम की तलाश में जुटी थी। लगातार छापेमारी और पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच उसने आखिरकार रामगढ़ व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
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