मारवाड़ी कॉलेज के NCC कैडेटों ने निकाली तंबाकू निषेध जागरूकता रैली, संगोष्ठी में नशामुक्ति का दिया संदेश
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर मारवाड़ी महाविद्यालय रांची की NCC द्वारा जागरूकता रैली और संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में वक्ताओं ने तंबाकू के दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए समाज को नशामुक्त बनाने की अपील की.

Ranchi, Jharkhand: झारखंड बटालियन एन.सी.सी. के समादेशी व प्रशासनिक पदाधिकारी और मारवाड़ी कॉलेज के प्राचार्य के निर्देशानुसार रविवार (31 मई 2026) को 4/3-मारवाड़ी महाविद्यालय एन.सी.सी. कंपनी की ओर से "विश्व तंबाकू निषेध दिवस" पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. सुबह 9:30 बजे महाविद्यालय के पुरुष प्रभाग से एक जागरूकता रैली निकाली गई, जो महिला प्रभाग, कोतवाली थाना और शहीद चौक होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक तक गई. इस दौरान कैडेट्स ने नारों के माध्यम से आम लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने के प्रति जागरूक किया.

तंबाकू और नशापान विकास में बाधक: डॉ. मनोज कुमार
रैली के पश्चात महाविद्यालय के जे.सी. सभागार में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार ने अपने संदेश में कहा कि तंबाकू और नशापान व्यक्ति, समाज, राज्य और राष्ट्र के विकास में बड़ी बाधा है. उन्होंने कैडेटों और उपस्थित लोगों से खुद नशा न करने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके सेवन से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया. प्राचार्य ने यह भी कहा कि जो लोग नशा छोड़ने में असमर्थ हैं, उनकी जानकारी महाविद्यालय प्रशासन को दी जाए ताकि संस्था के सहयोग से उनकी मदद की जा सके.
नशामुक्त राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व परीक्षा नियंत्रक व इग्नू को-ऑर्डिनेटर डॉ. बैद्यनाथ कुमार ने कैडेटों के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि खाकी वर्दी के माध्यम से समाज को जागरूक करने का यह प्रयास देश को नशामुक्त बनाने में सहायक सिद्ध होगा. जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. खातिर हेमरोम ने भी NCC कैडेटों द्वारा प्रतिवर्ष चलाए जाने वाले इस अभियान को सामाजिक सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के संकल्पों को दोहराया
कार्यक्रम के अंत में एसोसिएट NCC ऑफिसर सह सहायक प्राध्यापक (खोरठा) लेफ्टिनेंट डॉ. अवध बिहारी महतो ने सभी अतिथियों और मीडियाकर्मियों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा 1987 में शुरू किए गए इस दिवस की सार्थकता तभी है, जब लोग जागरूक होकर तंबाकू और मद्यपान से दूरी बनाएं. इस दौरान कैडेट रोहिता एक्का, अंजली तिग्गा, मनीता उरांव, सीमा कुमारी, अमित कुमार और अनमोल कुमार ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया, जबकि गोष्ठी का संचालन कैडेट लक्षिता कश्यप द्वारा किया गया.
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