MOTIHARI: ED की बड़ी रेड, रेलवे नौकरी दिलाने वाले रैकेट से जुड़ा है मामला
ईडी के अधिकारी जैसे ही आमवा गांव स्थित रामू श्रीवास्तव के आवास पर पहुंचे, सुरक्षा कर्मियों ने पूरे इलाके को अपने नियंत्रण में ले लिया. 15 से 20 की संख्या में मौजूद सुरक्षा बलों ने घर के चारों ओर घेर लिया. रेड के दौरान...

BIHAR (MOTIHARI): पूर्वी चम्पारण जिले के कोटवा थाना क्षेत्र अंतर्गत आमवा गांव में मंगलवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने अचानक छापेमारी शुरू कर दी. ईडी की यह कार्रवाई सुबह करीब 8 बजे शुरू हुई.
ईडी के अधिकारी जैसे ही आमवा गांव स्थित रामू श्रीवास्तव के आवास पर पहुंचे, सुरक्षा कर्मियों ने पूरे इलाके को अपने नियंत्रण में ले लिया. 15 से 20 की संख्या में मौजूद सुरक्षा बलों ने घर के चारों ओर घेर लिया.
मोबाइल, फोटो और आवाजाही पर सख्त रोक
रेड के दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति को घर के पास जाने की अनुमति नहीं दी गई. स्थानीय लोगों के अनुसार, मोबाइल पर बात करने, फोटो खींचने, वीडियो बनाने और अनावश्यक आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी. इससे गांव में दहशत और जिज्ञासा दोनों का माहौल देखने को मिला.
गृहस्वामी से हुई लंबी पूछताछ
ईडी अधिकारियों ने पहले घर की तलाशी ली, इसके बाद गृहस्वामी रामू श्रीवास्तव को बुलाकर उनसे पूछताछ की गई. पूछताछ किस बिंदु पर हुई, इस बारे में ईडी की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई.
सक्षम श्रीवास्तव ईडी की रडार पर
सूत्रों के अनुसार, रामू श्रीवास्तव का पुत्र सक्षम श्रीवास्तव ईडी की जांच के दायरे में है. सक्षम पर रेलवे में नौकरी दिलाने वाले फर्जीवाड़े और दलाली रैकेट से जुड़े होने का आरोप है. बताया जा रहा है कि सक्षम इस मामले में पहले भी गिरफ्तार हो चुका है और जुलाई 2025 में जेल से रिहा हुआ था.
घोड़ासहन रेड से जुड़ सकते हैं तार
जानकारी के मुताबिक, दो वर्ष पूर्व घोड़ासहन में हुई ईडी की रेड का संबंध भी इसी रैकेट से जुड़ा हो सकता है. ईडी अब इस नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन, संपत्ति और संपर्कों की कड़ी जांच कर रही है.
मोतिहारी से बुलाए गए माता-पिता
सूत्रों ने बताया कि सक्षम श्रीवास्तव के माता-पिता फिलहाल मोतिहारी शहर में रहते हैं. ईडी की टीम ने उन्हें वहां से बुलाकर आमवा गांव लाया और उनसे भी अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ की. हालांकि पूछताछ में क्या तथ्य सामने आए, इसका खुलासा नहीं किया गया है.
ईडी की चुप्पी, गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म
ईडी के अधिकारी मीडिया से बातचीत से बचते नजर आए और किसी भी प्रकार की पुष्टि या बयान देने से इनकार कर दिया. इधर, पूरे गांव में इस रेड को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं.
सूत्रों की मानें तो ईडी की यह कार्रवाई रेलवे नौकरी घोटाले से जुड़े बड़े नेटवर्क को खंगालने की दिशा में अहम मानी जा रही है और आने वाले समय में इससे जुड़े और भी खुलासे हो सकते हैं.









