सदर अस्पताल की अव्यवस्था पर भड़के विधायक प्रदीप प्रसाद, औचक निरीक्षण कर दिए सख्त निर्देश, कहा-स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारते-सुधारते खुद हो जाऊंगा अस्वस्थ
विधायक प्रदीप प्रसाद सोमवार को अचानक सदर अस्पताल के औचक निरीक्षण पर पहुंचे. जहां उन्होंने अस्पताल में इलाजरत मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद करते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत जाना.

Jharkhand(Hazaribagh): हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद सोमवार को अचानक सदर अस्पताल पहुंचे. अस्पताल पहुंचते ही उन्होंने आम मरीजों और उनके परिजनों से सीधे संवाद कर व्यवस्था की जमीनी हकीकत जानी. पर्ची काउंटर पर अव्यवस्था, कर्मचारियों की कमी और मरीजों की लंबी कतार देखकर विधायक खासे नाराज हो गए. स्थिति यह थी कि दूर-दराज से आए मरीज घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर थे, लेकिन सुनवाई बेहद सीमित थी.
‘पर्ची बनवाने की प्रक्रिया सरल, तेज और पारदर्शी हो’
अव्यवस्था को देखते हुए विधायक प्रदीप प्रसाद ने मौके पर ही पर्ची व्यवस्था का निरीक्षण शुरू कर दिया और संबंधित कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मरीजों को अनावश्यक परेशान न किया जाए. उन्होंने कहा कि पर्ची बनवाने की प्रक्रिया सरल, तेज और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सके. अस्पताल की बदहाल स्थिति को गंभीर बताते हुए विधायक ने तत्काल जिला उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह से दूरभाष पर बातचीत कर उन्हें हालात से अवगत कराया. जिस पर उपायुक्त ने व्यवस्था में शीघ्र सुधार का भरोसा दिया.
‘किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी’
इसके कुछ ही देर बाद सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडे अस्पताल परिसर पहुंचे. विधायक ने उन्हें पर्ची व्यवस्था, मरीजों की भीड़, इलाज की प्रक्रिया और अन्य अव्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया. निरीक्षण के क्रम में विधायक प्रदीप प्रसाद ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की. उन्होंने कर्मचारियों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों को सख्त लहजे में निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों के भोजन का प्रतिदिन का चार्ट अनिवार्य रूप से तैयार किया जाए.
शीतकालीन मौसम को देखते हुए मरीजों को पर्याप्त मात्रा में गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि भोजन या अन्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि आउटसोर्सिंग कंपनियां सेवा भावना से कार्य करें, न कि केवल कमाई के उद्देश्य से. उन्होंने कहा कि मरीजों की सुविधा, स्वच्छता और सम्मान सर्वोपरि है. निरीक्षण के दौरान उन्होंने पोस्टमार्टम प्रक्रिया को लेकर भी संज्ञान लिया और सदर अनुमंडल पदाधिकारी से बातचीत कर सुबह 8 बजे से पोस्टमार्टम प्रारंभ कराने की पहल की, ताकि शोकाकुल परिजनों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े.
‘व्यवस्था में कमी पाए जाने पर तत्काल कराया जाएगा सुधार’
मीडिया से बातचीत में हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि सदर अस्पताल आम जनता के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है. यहां आने वाला हर मरीज उम्मीद लेकर आता है, इसलिए प्रशासन और कर्मचारियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है. उन्होंने कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जाएगी और जहां भी कमी पाई जाएगी, वहां तत्काल सुधार कराया जाएगा.









