99 लाख की सब्सिडी पर घिरे मंत्री भागीरथ चौधरी, बोले- 2018 में किया था आवेदन
करीब 99.60 लाख रुपये की सब्सिडी को लेकर चर्चा में आए केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने सफाई देते हुए कहा कि परियोजना के लिए 2018 में आवेदन किया गया था और पूरा काम तय नियमों के तहत हुआ।

राजस्थान के अजमेर से सांसद और केंद्र सरकार में कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी हाल ही में बागवानी परियोजना के तहत मिली करीब 99.60 लाख रुपये की सब्सिडी को लेकर चर्चा में हैं। इस मामले को लेकर सवाल उठने के बाद उन्होंने अपनी तरफ से सफाई दी और कहा कि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार पूरी की गई थी।
भागीरथ चौधरी ने बताया कि यह कोई नई परियोजना नहीं है। उनके अनुसार, उन्होंने इस योजना के लिए वर्ष 2018 में आवेदन किया था और इसके बाद तय प्रक्रिया के तहत परियोजना को मंजूरी मिली। उनका कहना है कि योजना के तहत जो सहायता मिली, वह पात्रता और निर्धारित शर्तों के आधार पर दी गई।
उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना केवल सरकारी सहायता पर आधारित नहीं थी। इसमें उनका निजी निवेश भी शामिल है और इसके लिए बैंक से ऋण भी लिया गया। उनका कहना है कि परियोजना में उनकी व्यक्तिगत आर्थिक भागीदारी रही है।
सब्सिडी को लेकर उठ रहे सवालों पर मंत्री ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही है और इसमें कुछ भी छिपाने जैसा नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके प्रोजेक्ट स्थल पर जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की गई है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि परियोजना किस योजना के तहत संचालित है।
हितों के टकराव को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ किए जा रहे कुछ दावे पूरी तरह तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उनके अनुसार, योजना के लाभ के लिए वही प्रक्रिया अपनाई गई जो किसी अन्य पात्र आवेदक के लिए लागू होती है और इसमें किसी विशेष छूट का उपयोग नहीं किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी नियमों के दायरे में रहते हुए परियोजना से जुड़ी जानकारी पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जा सकती है।
अंत में उन्होंने किसानों से अपील की कि यदि वे सरकारी योजनाओं की पात्रता पूरी करते हैं तो आधुनिक खेती और बागवानी से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन करें।
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