जंतर-मंतर पर NEET छात्रों की आवाज उठाने वाले मोहम्मद जुनैद पहुंचे रांची, बोले- 'सरकार कोई भी हो, छात्रों के लिए लड़ता रहूंगा'
रांची में अनशनकारियों के बीच पहुंचे छात्र नेता मोहम्मद जुनैद, धरनास्थल पहुंचने पर अनशन और प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने मोहम्मद जुनैद का बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान जुनैद ने छात्रों से बात करके आंदोलन की पृष्ठभूमि, उनकी मुख्य मांगों और प्रशासनिक स्तर पर अब तक हुई प्रगति की पूरी जानकारी ली

JPSC-JSSC protest: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्रों के आंदोलन को अब राष्ट्रीय स्तर पर भी समर्थन मिलने लगा है। इसी कड़ी में दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET अभ्यर्थियों के आंदोलन के दौरान युवाओं की मदद कर देशभर में चर्चा में आए चर्चित छात्र नेता मोहम्मद जुनैद धरनास्थल पहुंचे। उन्होंने वहां डटे आंदोलनकारी अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनके संघर्ष के प्रति एकजुटता जताई।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों ने किया गर्मजोशी से स्वागत
धरनास्थल पहुंचने पर अनशन और प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने मोहम्मद जुनैद का बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान जुनैद ने छात्रों से बात करके आंदोलन की पृष्ठभूमि, उनकी मुख्य मांगों और प्रशासनिक स्तर पर अब तक हुई प्रगति की पूरी जानकारी ली। बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की साख उसकी पारदर्शिता और निष्पक्षता पर टिकी होती है। ऐसे में छात्रों की इन जायज और जायज मांगों को टालने के बजाय सरकार और प्रशासन को पूरी गंभीरता के साथ सुनना चाहिए।
'राजनीति से परे, सिर्फ युवाओं के हक की लड़ाई'
अपनी बात रखते हुए मोहम्मद जुनैद ने साफ किया कि वे किसी भी राजनीतिक दल या सरकार के समर्थन या विरोध में यहां नहीं आए हैं। उनका रांची आने का एक मात्र उद्देश्य परेशानहाल छात्रों के मुद्दों को अपना नैतिक समर्थन देना है। उन्होंने कहा कि देश के किसी भी हिस्से में जब भी छात्र लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों और न्याय के लिए आवाज उठाएंगे, वे हमेशा उनके साथ खड़े होने का प्रयास करेंगे।
परेशानियों के बाद भी नहीं डिगा संकल्प, बोले- जारी रहेगा संघर्ष
अपने सफर का जिक्र करते हुए जुनैद ने कहा कि भले ही जंतर-मंतर की घटना ने उनके काम को एक पहचान दिलाई हो, लेकिन छात्र हितों के लिए लड़ना उनके लिए कोई नया काम नहीं है। वे अपने कॉलेज के दिनों से ही शिक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों की समस्याओं को लेकर लगातार मुखर रहे हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि युवाओं की आवाज बनने के कारण उन्हें कई बार व्यक्तिगत स्तर पर परेशानियों का सामना भी करना पड़ा है, लेकिन इससे उनका संकल्प कमजोर नहीं हुआ है। उन्होंने दोहराया कि सत्ता में चाहे कोई भी सरकार हो, वे छात्रों के हक की आवाज इसी तरह निडर होकर उठाते रहेंगे।
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