जेल में बंद JPSC डिप्टी परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता सस्पेंड, 15 दिन की प्रतिनियुक्ति पर आई थीं, 13वें दिन CID ने कर लिया था अरेस्ट
कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने सोमवार को उनके निलंबन से जुड़ी औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी। JPSC में हुई कथित धांधली की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने 22 जुलाई को उन्हें गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वह रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद हैं।

JPSC Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक और झारखंड प्रशासनिक सेवा (झाप्रसे) की अधिकारी श्वेता गुप्ता को आखिरकार निलंबित कर दिया गया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने सोमवार को उनके निलंबन से जुड़ी औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी। JPSC में हुई कथित धांधली की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने 22 जुलाई को उन्हें गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वह रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद हैं।
नियमों के बावजूद क्यों अटका रहा निलंबन का फैसला
सामान्य प्रशासनिक नियमों के अनुसार, किसी भी सरकारी सेवक के 48 घंटे से अधिक न्यायिक हिरासत या जेल में रहने पर तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की जाती है। हालांकि, श्वेता गुप्ता की गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना लंबे समय तक कार्मिक विभाग तक नहीं पहुंच सकी थी। इसी तकनीकी और आधिकारिक पत्राचार की देरी के चलते उनका निलंबन करीब एक महीने तक लटका रहा। अब विभाग को औपचारिक सूचना मिलने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए निलंबन आदेश प्रभावी कर दिया गया है।
ट्रांसफर के बाद नहीं कर रही थीं योगदान, फिर से कराई थी प्रतिनियुक्ति
श्वेता गुप्ता इससे पहले भी दो साल से अधिक समय तक JPSC में उप परीक्षा नियंत्रक के पद पर तैनात थीं। वहां से उनका तबादला खाद्य आपूर्ति विभाग में कर दिया गया था, लेकिन उन्होंने काफी समय तक नए पद पर योगदान नहीं दिया। इसके बाद कार्मिक विभाग ने सख्त पत्र लिखकर उन्हें तत्काल कार्यभार संभालने का निर्देश दिया। विभाग के दबाव में आकर उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग में जॉइनिंग तो की, लेकिन इसके तुरंत बाद एक बार फिर जेपीएससी में महज 15 दिनों के लिए अपनी प्रतिनियुक्ति करा ली।
प्रतिनियुक्ति के 13वें दिन ही CID ने दबोचा था
JPSC में दोबारा प्रतिनियुक्ति पर आने के बाद उनकी कार्यप्रणाली लगातार जांच एजेंसियों के रडार पर थी। अभी उनकी 15 दिनों की प्रतिनियुक्ति अवधि के केवल 13 दिन ही पूरे हुए थे कि CID ने JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में पुख्ता साक्ष्य जुटाते हुए 22 जुलाई को उन्हें गिरफ्तार कर सीधे जेल भेज दिया। जेल जाने के बाद अब सरकार की ओर से निलंबन का डंडा चलने के बाद आयोग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
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