झारखंड की धरती ने कई हॉकी खिलाड़ियों को जन्म दिया है । महिला हॉकी की बात करे हो झारखंड की पहली अंतरराष्ट्रीय महिला हॉकी खिलाड़ी सावित्री पूर्ति बनी थी जिन्होंने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था। उनके बाद सुमराय टेटे भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तानी करने वाली झारखंड की पहली महिला खिलाड़ी बनीं । लेकिन इस दौर तक किसी भी झारखंड की महिला खिलाड़ी को ओलंपिक में खेलने का मौका नहीं मिला था । फिर साल 2016 में ओलंपिक में खेलने वाली झारखंड की पहली महिला खिलाड़ी बनीं निक्की प्रधान । झारखंड के सिमडेगा से निकल कर निक्की प्रधान ने आज इतिहास अपने नाम किया है । भारतीय महिला हॉकी टीम की डिफेंडर निक्की प्रधान ने बुधवार को अपने करियर का एक अहम मुकाम हासिल किया और 200 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे कर लिए। उन्होंने यह उपलब्धि हैदराबाद में खेले जा रहे हॉकी विश्व कप क्वालीफायर 2026 में वेल्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले के दौरान हासिल की। इस ऐतिहासिक क्षण में हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने हैदराबाद में निक्की प्रधान को NIKKI 200 की जर्सी के साथ सम्मानित किया । वही निक्की के पहले कोच राव जी जिन्होंने इसे पहली बार राज्यकिय बालिका उच्च विद्यालय बरीयातू हॉकी सेंटर के लिए चयन किया था वह भी आज इस निक्की के उपलब्धी के समय आशीर्वाद देने के लिए मौजूद थे । झारखंड की रहने वाली निक्की प्रधान को 2016 में दक्षिण अफ्रीका दौरे में पहली बार भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का मौका मिला था। उसके बाद से निक्की प्रधान भारतीय हॉकी टीम में दीवार की तरह डिफेंस में बनी रही है । अब तक निक्की प्रधान दो ओलंपिक खेलों में भारतीय टीम का हिस्सा रही है। अपनी इस करियर में निक्की प्रधान ने नासिर झारखंड बल्कि पूरे देश का विश्व पटल में नाम रोशन किया है । उन्होंने अपने नाम कई रिकॉर्ड और मेडल किए हैं। उन्होंने एशिया कप 2016 में स्वर्ण पदक, Women's asian chwmpionship trophy 2018 में रजत पदक, महिला एशियन चैंपियनशिप ट्रॉफी रांची 2023 में स्वर्ण पदक और महिला एशिया कप 2025 में रजत पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रही है ।








