4 नर्सिंग कॉलेजों पर INC का बड़ा एक्शन! सैकड़ों छात्रों के भविष्य पर उठे सवाल
नालंदा के चार नर्सिंग संस्थानों के कई पाठ्यक्रमों को INC की नई सूची में मान्यता से बाहर कर दिया गया है। फैसले से सैकड़ों छात्रों के करियर और केंद्रीय नौकरी के अवसरों को लेकर चिंता बढ़ी है।


नालंदा: नर्स बनने का सपना लेकर नालंदा के नर्सिंग संस्थानों में दाखिला लेने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं को बड़ा झटका लगा है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) की नई सूची में जिले के चार नर्सिंग संस्थानों के अलग-अलग पाठ्यक्रमों को मान्यता से बाहर कर दिया गया है। फैसले के बाद छात्रों के भविष्य और नौकरी के अवसरों को लेकर चिंता बढ़ गई है। INC की सूची मेंगौतम इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, थरथरी के B.Sc Nursing और ANM, BMIMS पावापुरी के B.Sc Nursing और सदर अस्पताल स्कूल ऑफ नर्सिंग, बिहारशरीफ के GNM पाठ्यक्रम को मान्यता प्राप्त संस्थानों की सूची से बाहर किया गया है।
किन संस्थानों पर पड़ा असर?
मान्यता रद्द होने की कार्रवाई के बाद इन संस्थानों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के बीच असमंजस की स्थिति है। छात्रों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद उनकी डिग्री और रजिस्ट्रेशन का भविष्य क्या होगा। बताया जा रहा है कि विद्यार्थियों का BNRC में रजिस्ट्रेशन संभव हो सकता है, लेकिन INC रजिस्ट्रेशन नहीं होने की स्थिति में उनके सामने कई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
INC मान्यता से जुड़ी स्थिति का असर केंद्रीय स्वास्थ्य संस्थानों में नौकरी के अवसरों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। खासकर AIIMS, रेलवे, ESIC और आर्मी नर्सिंग जैसी भर्तियों के साथ-साथ दूसरे राज्यों और विदेशों में नौकरी की पात्रता को लेकर भी छात्र चिंतित हैं। हालांकि, इन सभी भर्तियों में पात्रता की अंतिम शर्त संबंधित भर्ती विज्ञापन और संस्था के नियमों पर निर्भर करेगी।
लाखों की फीस के बाद छात्रों की बढ़ी चिंता
छात्रों और उनके परिजनों की चिंता इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि नर्सिंग की पढ़ाई में बड़ी राशि खर्च होती है। ऐसे में बीच पढ़ाई में मान्यता को लेकर पैदा हुई स्थिति से विद्यार्थियों को अपनी मेहनत, समय और भविष्य को लेकर चिंता सता रही है। फिलहाल यह फैसला छात्रों के लिए अंतिम स्थिति नहीं माना जा रहा है। यदि संबंधित संस्थान शिक्षकों की उपलब्धता, लैब, लाइब्रेरी, हॉस्टल और अस्पताल अटैचमेंट समेत INC के निर्धारित मानकों को पूरा कर लेते हैं, तो दोबारा निरीक्षण के बाद मान्यता बहाल होने की संभावना हो सकती है।
अब छात्रों की नजर संस्थानों की अगली कार्रवाई और INC के मानकों को पूरा करने की प्रक्रिया पर है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि संबंधित संस्थान कमियों को दूर कर दोबारा मान्यता हासिल कर पाते हैं या नहीं।
(नालंदा से वीरेंद्र कुमार की रिपोर्ट)

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