Happy New Year 2026: विश करने का पुराना तरीका नहीं, इन बेहतरीन शायरियों से कीजिए नए साल का इस्तिकबाल
नए साल के अवसर पर आपको प्रियजनों के ढेरों संदेश प्राप्त होते हैं, जिनका जवाब आप कुछ नए और अनूठे तरीकों से दें तो सुनने या उसे पढ़ने वाले को भी अच्छा लगेगा. इतना ही नहीं आप बेहतरीन शायरों की इन शायरियों के जरिए अपने दोस्तों के बीच भी माहौल जमा सकते हैं.

Happy New Year 2026: लोग नए साल के आने को एक त्योहार के तौर पर मनाते हैं। यह एक साल को अलविदा कहने और दूसरे साल का स्वागत करने का समय है। यह समय के बीतने और मौत की तरफ बढ़ते कदम को भूलकर, खुशी के कुछ पलों में खो जाने का पल है। नए साल के आने से जुड़े और भी कई बौद्धिक और भावनात्मक विचार हैं, और हमारा यह कलेक्शन उन सभी को शामिल करता है।
देखिए पाते हैं उश्शाक़ बुतों से क्या फ़ैज़
इक बरहमन ने कहा है कि ये साल अच्छा है
- मिर्जा गालिब
तू नया है तो दिखा सुब्ह नई शाम नई
वर्ना इन आँखों ने देखे हैं नए साल कई
- फ़ैज़ लुधियानवी
कुछ ख़ुशियाँ कुछ आँसू दे कर टाल गया
जीवन का इक और सुनहरा साल गया
- अज्ञात
यकुम जनवरी है नया साल है
दिसम्बर में पूछूँगा क्या हाल है
- अमीर क़ज़लबाश
(यकुम - पहला)
न कोई रंज का लम्हा किसी के पास आए
ख़ुदा करे कि नया साल सब को रास आए
- फ़रियाद आज़र
किसी को साल-ए-नौ की क्या मुबारकबाद दी जाए
कैलन्डर के बदलने से मुक़द्दर कब बदलता है
- ऐतबार साजिद
इक अजनबी के हाथ में दे कर हमारा हाथ
लो साथ छोड़ने लगा आख़िर ये साल भी
- हफ़ीज़ मेरठी
पुराने साल की ठिठुरी हुई परछाइयाँ सिमटीं
नए दिन का नया सूरज उफ़ुक़ पर उठता आता है
- अली सरदार जाफ़री
(उफुक - क्षितिज)
नए साल में पिछली नफ़रत भुला दें
चलो अपनी दुनिया को जन्नत बना दें
- अज्ञात
ये किस ने फ़ोन पे दी साल-ए-नौ की तहनियत मुझ को
तमन्ना रक़्स करती है तख़य्युल गुनगुनाता है
- अली सरदार जाफ़री
गुज़िश्ता साल कोई मस्लहत रही होगी
गुज़िश्ता साल के सुख अब के साल दे मौला
- लियाक़त अली आसिम
(गुजिश्ता - बीता साल)
चेहरे से झाड़ पिछले बरस की कुदूरतें
दीवार से पुराना कैलन्डर उतार दे
- ज़फ़र इक़बाल
दुल्हन बनी हुई हैं राहें
जश्न मनाओ साल-ए-नौ के
- साहिर लुधियानवी
(साल-ए-नौ -> नया साल)
पिछ्ला बरस तो ख़ून रुला कर गुज़र गया
क्या गुल खिलाएगा ये नया साल दोस्तो
- फ़ारूक़ इंजीनियर
इक पल का क़ुर्ब एक बरस का फिर इंतिज़ार
आई है जनवरी तो दिसम्बर चला गया
- रुख़्सार नाज़िमाबादी
इस गए साल बड़े ज़ुल्म हुए हैं मुझ पर
ऐ नए साल मसीहा की तरह मिल मुझ से
- सरफ़राज़ नवाज़
नक्षत्र न्यूज कामना करता है कि आपका यह नया साल अनेकों खुशियां लेकर आए और सफलता आपके कदमों को चूमें.









