विश्व आदिवासी दिवस पर पलामू में निकली भव्य प्रभात फेरी, झांकियों ने मोहा लोगों का मन
बिरसा मुंडा, शिबू सोरेन समेत विभिन्न महापुरुषों की वेशभूषा में नजर आए विद्यार्थी, आदिवासी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास का दिया संदेश

Medaninagar Palamu । विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर पलामू जिला प्रशासन की ओर से रविवार को भव्य प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने हरी झंडी दिखाकर प्रभात फेरी को रवाना किया। प्रभात फेरी में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों, कलाकारों एवं जिला प्रशासन के पदाधिकारियों ने भाग लिया। प्रभात फेरी के माध्यम से लोगों को आदिवासी समाज की समृद्ध कला-संस्कृति, परंपराओं, गौरवशाली इतिहास और समाज के महापुरुषों के योगदान से परिचित कराया गया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। आदिवासी समाज की विरासत को संरक्षित करना जरूरी इस अवसर पर उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने कहा कि प्रभात फेरी का उद्देश्य आमजनों तक विश्व आदिवासी दिवस के महत्व और आदिवासी समाज की समृद्ध विरासत का संदेश पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि झारखंड के विभिन्न हिस्सों में विश्व आदिवासी दिवस उत्साह के साथ मनाया जा रहा है और पलामू जिला भी इसमें सक्रिय सहभागिता निभा रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य के गठन के बाद से आदिवासी समाज के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक उत्थान की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। आदिवासी समाज की समृद्ध विरासत, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन में समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। उपायुक्त ने प्रभात फेरी में शामिल विद्यार्थियों एवं कलाकारों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों के उत्साह और रचनात्मक प्रस्तुति की सराहना करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी संबंधित लोगों को शुभकामनाएं दीं। बिरसा मुंडा और शिबू सोरेन की वेशभूषा बनी आकर्षण का केंद्र प्रभात फेरी के दौरान संत मरियम स्कूल एवं ग्रीन वैली स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। ग्रीन वैली स्कूल के विद्यार्थियों ने झारखंड के आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों और वीर सपूतों की वेशभूषा धारण कर उनके संघर्ष एवं योगदान को प्रदर्शित किया। वहीं, संत मरियम स्कूल के विद्यार्थियों ने राजा मेदिनी राय, बिरसा मुंडा, नीलांबर-पीतांबर एवं शिबू सोरेन की भूमिका में अपनी प्रस्तुति दी। विशेष रूप से बिरसा मुंडा और शिबू सोरेन की वेशभूषा एवं प्रस्तुति ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। विद्यार्थियों ने अपने अभिनय के माध्यम से झारखंड के इतिहास, आदिवासी समाज के संघर्ष और प्रदेश के निर्माण में उनके योगदान को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक नृत्य से बांधा समां प्रभात फेरी शुरू होने से पहले नृत्य निर्देशक सुजीत कुमार के निर्देशन में संत मरियम स्कूल की छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया। छात्राओं की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संत मरियम स्कूल के कला निर्देशक कामरूप सिन्हा, राज प्रतीक पाल तथा ग्रीन वैली स्कूल के कला शिक्षक संजीत प्रजापति का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार, डीसीएलआर प्यारे लाल, एपीआरओ अजित कुमार, शिक्षाविद अविनाश देव, पंडित प्रदीप नारायण, ट्रैफिक प्रभारी रुद्रानंद सरस, कार्यक्रम संयोजक सैकत चट्टोपाध्याय सहित जिला प्रशासन के पदाधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी एवं अन्य लोग मौजूद रहे। प्रभात फेरी के दौरान विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों और झांकियों ने विश्व आदिवासी दिवस के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास की झलक भी प्रस्तुत की।
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