जेल में ही रहेंगे पूर्व मुख्य सचिव L Khiangte, JPSC धांधली मामले में नहीं मिली राहत
JPSC परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी और धांधली मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्य सचिव और JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांग्ते को अदालत से बड़ा झटका लगा है।
Ranchi: JPSC परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी और धांधली मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्य सचिव और JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांग्ते को अदालत से बड़ा झटका लगा है। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिस पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने राहत देने से साफ इनकार कर दिया।
वकीलों ने दी बेकसूर होने की दलील
सुनवाई के दौरान एल ख्यांग्ते की ओर से सीनियर एडवोकेट अनिल कुमार और एडवोकेट चंदना कुमारी ने पक्ष रखा। वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि ख्यांग्ते के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है और पुलिस छापेमारी में भी उनके खिलाफ कुछ नहीं मिला है। इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए।
CID ने खोला 2 करोड़ के कमीशन का राज
दूसरी तरफ CID ने जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया। सीआईडी ने कोर्ट को बताया कि TDPL कंपनी को परीक्षा आयोजित करने का ठेका दिलाने में एल ख्यांग्ते की मुख्य भूमिका थी। सीआईडी के मुताबिक, ख्यांग्ते को अच्छी तरह पता था कि यह कंपनी परीक्षाओं में कोई पारदर्शिता नहीं बरत रही है, फिर भी उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया। आरोप यह भी है कि एल ख्यांग्ते ने इस काम के बदले TDPL से कथित तौर पर 2 करोड़ रुपये का कमीशन लिया था।
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