गिरिडीह के खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी कर रहे स्ट्रीट फूड की जांच, मिली हिदायत- "बर्दाश्त नहीं की जाएगी लापरवाही"
अप्रैल माह में एक बच्चे की मौत सहित कई लोगों के बीमार होने के बाद सभी ठेला दुकानदारों की शामत आई हुई है. खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी की सख्त हिदायत है कि किसी प्रकार की लाहरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

Giridih, Jharkhand: गिरिडीह में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी का फुटपाथ में लगने वाले ठेला दुकानदारों के फूड आइटम की जांच जारी है. खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी राजा कुमार ने जांच के अंतर्गत देर रात पूरी टीम के साथ शहर के ठेलों में लगने वाले फूड स्टॉल के खाने के आइटम की जांच की गई. गोलप्पा से लेकर नॉनवेज, चाउमिन और पावभाजी आदि की भी जांच की गई.

जानकारी के अनुसार ठेलों से कई आइटम का सैंपल लिया गया है. अधिकारी द्वारा हिदायत दी गई कि किसी सूरत में दूषित पानी और एक्सपायरी फूड आइटम का इस्तेमाल ठेला दुकानदार ना करें. मसाला अच्छी क्वालिटी का हो, और घर के बने मसाले का इस्तेमाल ही किया जाए. यह भी कहा गया कि अगर घर के मसाले का इस्तेमाल संभव न हो तो किसी ब्रांडेड कंपनी (जो IFSSO सर्टिफाइड हो).
अप्रैल के अंतिम सप्ताह में गोलगप्पा खाने से फूड पॉइजनिंग के शिकार गिरिडीह में एक बच्चे की मौत हो गई थी. साथ ही करीब 40 से 60 लोग बीमार भी हुए थे. इस घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी अलर्ट मोड पर हैं. खाने-पीने के स्टॉल्स की संपूर्ण जांच की जा रही है.
(गिरिडीह से मनोज कुमार पिंटू की रिपोर्ट)
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