फर्जी बीमा पॉलिसी पड़ गई भारी!, डोरंडा बस हादसे में कोर्ट का कड़ा फैसला, बस मालिक को देना होगा ₹29.87 लाख
रांची में फर्जी इंश्योरेंस पॉलिसी के मामले में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने बस मालिक को दो घायलों को 29.87 लाख रुपये मुआवजा और 7.5% वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया।

Ranchi: राजधानी रांची से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सड़क हादसे के बाद बीमा कंपनी से मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे बस मालिक की चालाकी उसी पर भारी पड़ गई। दुर्घटना के बाद न्यायाधिकरण में पेश की गई बस की इंश्योरेंस पॉलिसी जांच के दौरान फर्जी पाई गई। इसके बाद अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए बस मालिक को ही सड़क हादसे के पीड़ितों को कुल 29.87 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
यह बड़ा फैसला 'अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण', रांची के पीठासीन पदाधिकारी मनोज त्रिपाठी ने दो अलग-अलग दावा मामलों की सुनवाई करते हुए सुनाया।
2 घायलों को मिलेगी इतनी राशि, देना होगा 7.5% ब्याज
1. मंगरा कच्छप को: ₹11,29,525 (11 लाख 29 हजार 525 रुपये)
2. मंगल कुजूर को: ₹18,58,432 (18 लाख 58 हजार 432 रुपये)
अदालत ने स्पष्ट किया है कि इन दोनों राशियों पर दावा दायर करने की तारीख से लेकर भुगतान के दिन तक 7.5 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज का भुगतान भी बस मालिक को ही करना होगा।
गलत दिशा में बस घुसाकर 2 लोगों को रौंदा था
यह पूरा मामला 9 मई 2019 का है। डोरंडा के कुसई के पास बस (रजिस्ट्रेशन नंबर: JH-05BN-9699) के चालक ने बेहद तेज और लापरवाही से वाहन चलाते हुए डिवाइडर तोड़ दिया और बस को गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में घुसा दिया। इस दौरान सड़क किनारे खड़े मंगरा कच्छप और मंगल कुजूर बस की सीधी चपेट में आ गए थे, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
पीड़ितों ने न्याय और इलाज के खर्च के लिए न्यायाधिकरण का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के दौरान बस मालिक ने बीमा कंपनी से भुगतान का हवाला देकर पॉलिसी जमा की, लेकिन जांच में कागजात फर्जी निकलते ही बस मालिक का दांव उसी पर उल्टा पड़ गया।
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