JHARKHAND (RANCHI): प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चार्टर्ड अकाउंटेंट नरेश केजरीवाल और उनके भाई इंदर लाल केजरीवाल के ठिकानों पर बुधवार को छापेमारी की. यह कार्रवाई रांची, मुंबई और सूरत के कुल 12 ठिकानों पर की गई, जिनमें रांची के सात, मुंबई के दो और सूरत के तीन ठिकाने शामिल थे.
55 लाख कीमत के सोने-चांदी के सिक्के जब्त
ईडी ने फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (एफईएमए) के तहत नरेश और इंदर के कार्यालय और आवासीय परिसरों को छापेमारी के दायरे में रखा. रांची में केजरीवाल के चर्च कंप्लेक्स और पंचवटी प्लाजा स्थित कार्यालय, तथा लालपुर स्थित घर शामिल था. छापेमारी के दौरान 65 लाख रुपये नकद और 55 लाख रुपये के सोने-चांदी के सिक्के जब्त किए गए.
हवाला के जरिए किया जा रहा था काले धन को सफेद
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, हवाला के जरिए विदेशों में शेल कंपनियों में 1000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया और उतनी ही रकम डिजिटल माध्यम से भारत वापस लाई गई. ईडी के अनुसार यह काले धन को सफेद करने की सुनियोजित योजना थी. जांच में पता चला कि केजरीवाल और उनके सहयोगियों के जरिए यूएई, अमेरिका और नाइजीरिया समेत कई देशों में निवेश किया जाता था.
नरेश केजरीवाल का रियल एस्टेट और कोयले के कारोबार से संबंध है, जबकि इंदर लाल केजरीवाल कई कंपनियों, जिनमें फिलामेंट प्राइवेट और श्री श्याम एंब्रॉयडरी प्राइवेट शामिल हैं, के निदेशक हैं. ईडी ने छापेमारी के दौरान सभी मिले सबूत जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है.








