Sahitya Academy Award 2026: प्रतिष्ठित साहित्यकार डॉ. महेंद्र झा को उनकी चर्चित मैथिली कृति ‘धात्री पात सन गाम’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। बिहार के सुपौल जिले के रहने वाले डॉ. झा ने इस उपलब्धि को अपने जीवन का सौभाग्यपूर्ण क्षण बताया है और इसे पाठकों के प्रेम का परिणाम कहा है।
इस अवसर पर डॉ. महेंद्र झा भावुक भी नजर आए। उन्होंने इस उपलब्धि का पूरा श्रेय अपनी दिवंगत पत्नी को दिया, जिनका 2025 में निधन हो गया। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी ने उनके साहित्यिक सफर में हमेशा साथ दिया, लेकिन आज जब उन्हें यह सम्मान मिला है, वह उनके साथ नहीं हैं।
डॉ. महेंद्र झा का साहित्यिक सफर बेहद समृद्ध और प्रेरणादायक रहा है। वर्ष 2016 में उनकी पहली पुस्तक प्रकाशित हुई थी, जिसके बाद उन्होंने लगातार लेखन के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी रचनाएं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं, जिनमें खासतौर पर ग्रामीण जीवन, परंपराओं और स्थानीय संस्कृति का जीवंत चित्रण देखने को मिलता है।
उनकी चर्चित कृति ‘धात्री पात सन गाम’ संस्मरणात्मक शैली में लिखी गई एक महत्वपूर्ण पुस्तक है, जिसमें गांव के जीवन, समाज और परिवेश को बेहद संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया है। इस कृति में खेत-खलिहान, नदी-तालाब और प्राकृतिक सौंदर्य का ऐसा चित्रण है, जो पाठकों को सीधे ग्रामीण परिवेश से जोड़ देता है। साथ ही, पुस्तक में सामाजिक संबंधों, परंपराओं और बदलते समय की चुनौतियों को भी बारीकी से उकेरा गया है।
डॉ. झा का मानना है कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, इसलिए उनका लेखन भी ग्रामीण जीवन के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा है। उन्होंने अपनी रचनाओं में कोसी क्षेत्र की समस्याओं, सामाजिक बदलाव और हैजा जैसी बीमारियों का भी उल्लेख किया है, जिससे उनके साहित्य में यथार्थ की गहराई साफ झलकती है।
नक्षत्र न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने कहा, यह मेरे लिए गर्व और खुशी का क्षण है। किसी भी लेखक की रचना का मूल्यांकन पाठकों के हाथ में होता है। अगर मेरी कृति को यह सम्मान मिला है, तो यह पाठकों की स्वीकृति का परिणाम है।







