
Ranchi: 2 साल से बैठे धरने पर, अब ज़ोमेटो चला कर करना पड़ रहा है गुजारा
Mehak MishraEdited by: Mehak Mishra
पेट पालने के लिए कई दिव्यांग अब ज़ोमैटो जैसी डिलीवरी सेवाओं के जरिए काम कर रहे हैं और अपने संघर्ष को जारी रखे हुए हैं।

@mehak20
Professional journalist at Naxatra News, delivering factual and timely news coverage.

पेट पालने के लिए कई दिव्यांग अब ज़ोमैटो जैसी डिलीवरी सेवाओं के जरिए काम कर रहे हैं और अपने संघर्ष को जारी रखे हुए हैं।