हिरासत में मौत मामला: मेडिकल रिपोर्ट में विरोधाभास, झारखंड हाईकोर्ट ने मांगा मूल रिकॉर्ड
रिमांड के दौरान पेश मेडिकल सर्टिफिकेट और शपथ पत्र में अंतर, झारखंड हाईकोर्ट ने पलामू सीजेएम कोर्ट से मांगा केस का मूल रिकॉर्ड

Ranchi News: हिरासत में कथित यातना और मौत से जुड़े अवमानना मामले में सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए मृतक युवक से संबंधित केस का मूल रिकॉर्ड पलामू सीजेएम कोर्ट से तलब किया.
वहीं, सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह तथ्य रखा गया कि युवक को रिमांड पर लेने के लिए पुलिस ने मेदिनीनगर अस्पताल द्वारा जारी मेडिकल सर्टिफिकेट पेश किया था. इस प्रमाण पत्र में उसे ‘फिट फॉर कस्टडी’ बताया गया था. इसी आधार पर उसे रिमांड पर भेजा गया.
हालांकि, राज्य सरकार की ओर से दाखिल शपथ पत्र में 6 मार्च 2025 की एक अन्य मेडिकल रिपोर्ट का उल्लेख है, जिसमें युवक के शरीर पर चोट के निशान होने की बात दर्ज है. दोनों मेडिकल दस्तावेजों में अंतर को लेकर कोर्ट ने गंभीरता जताई और पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए मूल रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया.
सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने पक्ष रखा. वहीं, याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शादाब ईकबाल ने दलीलें दीं. याचिकाकर्ता पक्ष के अनुसार, 1 मार्च 2025 को युवक महफूज अहमद को नवाबाजार से पुलिस ने हिरासत में लिया था और उसके साथ मारपीट की गई.
बाद में पांकी थाना कांड संख्या 25/2025 दर्ज कर उसे सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया और रिमांड पर लिया गया. फिलहाल कोर्ट ने संबंधित दस्तावेजों के प्रस्तुत होने के बाद अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित करने की बात कही है.
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