Maharashtra (Mumbai): पुलिस ने बताया कि सोमवार रात गोरेगांव (पश्चिम) स्थित अमोल टावर की एक इमारत की लिफ्ट में दर्जनों गैस से भरे गुब्बारे फटने से 21 वर्षीय छात्रा हिमानी ताप्रिया के हाथ, गर्दन और पेट पर झुलसने के निशान हैं.
दुकान मालिक के खिलाफ FIR
गोरेगांव पुलिस ने दुकान के मालिक टी.के. जायसवाल के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया है, क्योंकि उनके कर्मचारी को आवासीय इमारत में गुब्बारे पहुंचाने के लिए भेजा गया था. गुब्बारे ले जा रहे डिलीवरी बॉय राजू कुमार महतो (32) भी इस घटना में झुलस गए.
रात साढ़े दस बजे की घटना
पुलिस ने बताया कि यह घटना रात करीब 10:30 बजे घटी, जब महतो गैस से भरे गुब्बारे लेकर लिफ्ट में दाखिल हुआ, उसके पीछे ताप्रिया और एक अन्य व्यक्ति भी थे.
जन्मदिन के जश्न के लिए मंगाए गए थे गुब्बारे
गोरेगांव पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया, “जायसवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 (लापरवाही) के तहत मामला दर्ज किया गया है और उन्हें नोटिस जारी किया गया है. उन्होंने डिलीवरी करने वाले व्यक्ति को सुरक्षा निर्देश नहीं दिए, जिसके कारण यह घटना हुई. महतो लगभग 10 से 12 गैस से भरे गुब्बारे ले जा रहा था, जिन्हें बिल्डिंग निवासी अर्पित जैन ने अपने परिवार में जन्मदिन के जश्न के लिए मंगवाया था.”
अपनी मौसी से मिलने आई थी ताप्रिया
सूरत की रहने वाली ताप्रिया अपनी मौसी से मिलने अपने गृहनगर से आई ही थी कि यह घटना घटी. अपनी शिकायत में तापप्रिया ने बताया, “मैं सूरत से इमारत में पहुंची ही थी कि अपनी मौसी के फ्लैट में जाने के लिए लिफ्ट में चढ़ी, तभी करीब एक दर्जन गुब्बारे लिए एक व्यक्ति लिफ्ट में घुसा. अचानक उसके हाथ में मौजूद गुब्बारे फट गए, जिससे मेरे दाहिने हाथ, गर्दन और पेट पर गंभीर चोटें आईं.”
डिलीवरी बॉय के सुरक्षा की अनदेखी
पुलिस ने बताया कि तापप्रिया खतरे से बाहर हैं और उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान की गई. अधिकारी ने आगे बताया कि तापप्रिया का आरोप है कि यह घटना राजू कुमार महतो के नियोक्ता की लापरवाही और असावधानी के कारण हुई, क्योंकि डिलीवरी करने वाले व्यक्ति को कोई सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए थे. पुलिस ने बताया कि नियोक्ता के खिलाफ कानूनी शिकायत दर्ज की गई है.
गैस के गुब्बारों के फटने की क्या है वजह?
वैज्ञानिक रूप से देखा जाए तो ऐसी घटनाओं का मुख्य कारण गुब्बारों में हाइड्रोजन जैसी अत्यधिक ज्वलनशील गैस का इस्तेमाल होना होता है. हाइड्रोजन गैस हवा में मौजूद ऑक्सीजन के संपर्क में आते ही बहुत तेजी से प्रतिक्रिया करती है और उसे जलने के लिए सिर्फ हल्की सी चिंगारी या स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी की जरूरत होती है. लिफ्ट एक बंद धातु संरचना होती है, जहां इलेक्ट्रिकल सिस्टम, मोटर, मोबाइल फोन, स्विच या कपड़ों की रगड़ से स्टैटिक चार्ज पैदा हो सकता है. जैसे ही यह चार्ज हाइड्रोजन से भरे गुब्बारों के संपर्क में आता है, गैस अचानक जल उठती है और कई गुब्बारे एक साथ फट जाते हैं, जिससे तेज दबाव, गर्मी और धमाके जैसी स्थिति बनती है. यही वजह है कि बंद जगह में हाइड्रोजन गैस से भरे गुब्बारे बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं, जबकि हीलियम गैस सुरक्षित मानी जाती है क्योंकि वह ज्वलनशील नहीं होती.








