बाबूलाल मरांडी ने विधानसभा विशेष सत्र बुलाने की रखी मांग, सीएम को पत्र भेज कर करेंगे आग्रह
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि केंद्र स्तर पर लंबित नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में झारखंड विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाना चाहिए।

Jharkhand (Ranchi): झारखंड की राजनीति में एक बार फिर महिला आरक्षण का मुद्दा गरमा गया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि केंद्र स्तर पर लंबित नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में झारखंड विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाना चाहिए।
मरांडी ने बताया कि हाल ही में संसद में पेश इस विधेयक का उद्देश्य देश की आधी आबादी को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देना था। उनके अनुसार, यदि झारखंड में लोकसभा सीटों की संख्या 14 से बढ़कर 21 होती है, तो उसमें एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं। साथ ही, लोकसभा सीटों में वृद्धि होने पर राज्य विधानसभा की सीटों में भी विस्तार संभव है।
उन्होंने कहा कि पहले उन्हें उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पार्टी इस बिल का समर्थन करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मरांडी ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर इस विषय पर चर्चा करने और विशेष सत्र बुलाने का प्रस्ताव रखने की कोशिश की, लेकिन उन्हें समय नहीं मिल पाया।
अब भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर आग्रह किया जाएगा। मरांडी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इतने महत्वपूर्ण विषय पर संवाद के लिए समय न मिलना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए उचित नहीं है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि झारखंड विधानसभा इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजती है, तो महिला आरक्षण बिल को पुनः संसद में लाने की दिशा में सकारात्मक पहल हो सकती है।
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