झारखंड की जीवनदायिनी कही जाने वाली 108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार, आर्थिक शोषण और वेतन विसंगतियों के खिलाफ एंबुलेंस कर्मियों ने आंदोलन का ऐलान किया है। यह पहली बार नहीं जब एंबुलेंस कर्मी आंदोलन कर रहे हैं या फिर कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। पहले भी कई बार अपनी मांगों को लेकर एम्बुलेंस कर्मचारी संघ आंदोलन कर चुका है। अब एक बार फिर से 13 मार्च को एम्बुलेंस कर्मचारी संघ श्रम विभाग के समक्ष प्रदर्शन करने जा रहा है । झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी की अगुवाई में यह आंदोलन होने जा रहा है । उन्होंने बताया कि सेवा संचालन संस्था सम्मान फाउंडेशन द्वारा श्रम कानूनों की अनदेखी की जा रही है.. कर्मचारियों के अनुसार PF-ESI में अनियमितता, वेतन भुगतान में देरी, मनमानी कटौती और ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं होने से कर्मचारी गंभीर आर्थिक संकट में हैं...100 किमी से अधिक IFT चलाने पर भी भोजन भत्ता और ओवरटाइम नहीं दिया जा रहा है.. कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर संघ ने 13 मार्च 2026 को श्रम भवन, डोरंडा, रांची के समक्ष घेराव व महाप्रदर्शन का निर्णय लिया है..12 मार्च तक समाधान नहीं होने पर राज्यभर के कर्मचारी आंदोलन में शामिल होंगे... वही संघ के इस आरोप को लेकर सम्मान फाउंडेशन जो कि 108 एंबुलेंस के संचालक है उनका कहना है कि गढ़वा और पलामू के कुछ कर्मचारी हैं जो बेबुनियादी आरोप लगा रहे हैं । उनके जो भी आरोप है वह बिल्कुल भी जायज नहीं है। सभी कर्मचारियों को भत्ता मिलता है और जो उनकी मांग है कि उन्हें रेगुलर नियुक्ति दी जाए तो वह सरकार को करना है । 13 मार्च को कार्यवाही ना हो इसके लिए हमने पहले से प्राइवेट एंबुलेंस को बुक कर लिए है। हालांकि अब एंबुलेंस कर्मियों और सम्मान फाउंडेशन के बीच की यह लड़ाई श्रम विभाग पहुंच रही है। 13 मार्च को एंबुलेंस कर्मी श्रम विभाग का घेराव करेंगे और अपनी मांगों को रखेंगे। अब यह मांगे कितनी जायज है और सरकार इस पर क्या पहल करती है यह आने वाला वक्त बताएगा।








