Ranchi के बाद अब Chatra से लापता हुई मासूम: 20 दिनों से मुन्नी का कोई सुराग नहीं!
रांची से लापता बच्चों की सकुशल बरामदगी के बाद रांची पुलिस ने खूब वाहवाही बटोरा. अब सवाल चतरा पुलिस पर खड़ा हो रहा है कि 20 दिनों से लापता हुई 'मुन्नी' का वो अब तक पता क्यों नहीं लगा पाए?

JHARKHAND (Chatra): झारखंड की राजधानी रांची में दो बच्चों के लापता होने का मामला अभी सुलझा ही था कि अब चतरा जिले से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है. गिद्धौर थाना क्षेत्र के गांगपुर गांव से 14 वर्षीय मासूम मुन्नी कुमारी उर्फ रानू कुमारी पिछले 20 दिनों से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता है.
पुलिस की तमाम तकनीकों और ड्रोन कैमरों के बावजूद नतीजा 'शून्य' है, जिससे अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं. घटना 28 दिसंबर 2025 की है, निर्मल राणा की 14 वर्षीय बेटी मुन्नी कुमारी बड़े चाव से घर के पास ही दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए निकली थी. परिवार को लगा था कि बेटी शाम तक घर लौट आएगी और उसकी हंसी से घर चहकेगा, लेकिन वह शाम कभी नहीं आई.
जब मुन्नी रात तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों के हाथ-पांव फूल गए. ग्रामीणों के सहयोग से दो दिनों तक चप्पा-चप्पा छाना गया, लेकिन मुन्नी का कहीं कोई सुराग नहीं मिला. परिजनों का आरोप है कि उन्होंने 31 दिसंबर को ही गिद्धौर थाना में लिखित आवेदन देकर अपनी बेटी की सुरक्षित बरामदगी की गुहार लगाई थी. लेकिन, आरोप के मुताबिक पुलिस ने शुरुआती 10 दिनों तक मामले को ठंडे बस्ते में डाले रखा.
परिजनों का कहना है कि पुलिस ने 10 जनवरी के बाद सक्रियता दिखानी शुरू की. सवाल यह है कि लापता होने के बाद 10 दिनों तक पुलिस आखिर किसका इंतजार कर रही थी? क्या पुलिस की यह 'देरी' मुन्नी की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है? मामला गर्माने के बाद अब पुलिस हरकत में आई है. इलाके के सघन जंगलों और पहाड़ियों को देखते हुए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है. पुलिस ड्रोन कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रख रही है और कई टीमें तलाशी अभियान में जुटी हैं. लेकिन 20 दिन बीत जाने के बाद भी मुन्नी का न मिलना किसी बड़ी अनहोनी की ओर इशारा कर रहा है.
मुन्नी के पिता निर्मल राणा और उनकी मां की आंखों के आंसू सूख चुके हैं. घर में सन्नाटा पसरा है और पूरा गांव इस घटना से सहमा हुआ है. परिजनों का कहना है कि रांची की घटना की तरह यहां भी कोई गिरोह सक्रिय हो सकता है. वे बस अपनी लाडली की सुरक्षित वापसी की भीख मांग रहे हैं.









