समाजिक कुप्रथा बाल विवाह पर कार्यशाला आयोजित, डीसी ने कहा "बदलते दौर में बाल विवाह कहां तक है उचित!"
गिरिडीह में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका प्रयोजन था बालविवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा से संबंधित बातें लोगों तक पहुंचाई जाएं. कार्यक्रम में उपस्थित डीसी ने कहा कि ऐसी कुप्रथा का आज के आधुनिक जमाने में होना कतई उचित नहीं है.

JHARKHAND (GIRIDIH): समाज कल्याण विभाग ने नगर भवन में सोमवार को महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कुप्रथा बाल विवाह पर अनुमंडल स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया. इस दौरान गिरिडीह डीसी रामनिवास यादव, एसपी डॉक्टर विमल कुमार, डीडीसी स्मिता कुमारी, एसडीएम श्रीकांत यशवंत और एसडीपीओ जितवाहन ने दीप जलाकर शुरुआत किया.

वही कार्यशाला को लेकर डीसी ने कहा कि राज्य में अब भी ये कुप्रथा बनी हुई है. जबकि इस कुप्रथा को अब खत्म होना चाहिए. आखिर क्यों अब बदलते दौर में बाल विवाह कराया जाए? ज़ब देश कह रहा है बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ, तो ऐसे में इस बाल विवाह का समाज में रहना उचित नहीं.
डीसी ने मौके पर लोगों को शपथ भी दिलाया. वही कार्यशाला को एसपी, डीडीसी के साथ एसडीएम और एसडीपीओ ने भी सम्बोधित किया. कार्यशाला में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाओं के साथ समाज कल्याण विभाग से जुड़े कर्मियों ने भी हिस्सा लिया.
रिपोर्ट: मनोज कुमार पिंटू
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