मुंगेर में मनरेगा के तहत करोड़ों का घोटाला ? नहर में अचानक पानी छोड़े जाने से बाढ़ जैसे हालात, सौ बीघा खेत जलमग्न, किसान परेशान
मुंगेर जिले के असरगंज प्रखंड के पुरुषोत्तमपुर गांव में इन दिनों हनुमाना डैम से नहर में अचानक पानी छोड़े जाने के बाद लगभग सौ बीघा खेत पानी में डूब गये हैं. जिससे फसलें बर्बाद हो गई हैं और किसान खासा परेशान हैं.

BIHAR (MUNGER) : मुंगेर जिले के असरगंज प्रखंड का चौरगांव पंचायत अंतर्गत पुरुषोत्तमपुर गांव में इन दिनों बाढ़ जैसा नजारा देखने को मिल रहा है. जिससे किसान खासा परेशान हैं. बीते दो दिन पूर्व हनुमाना डैम से नहर में अचानक पानी छोड़े जाने से लगभग सौ बीघा खेत पानी में डूब गये हैं. जिसके कारण गांव के आसपास बाढ़ का नजारा उत्पन्न हो गया है.
डैम से नहर में अचानक पानी छोड़े जाने से फसलें हुई बर्बाद
खेत में पानी जमा होने के कारण रबी की फसल गेंहू, मक्का सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. गांव के किसान कृष्णानंद सिंह, वेद प्रकाश सिंह व धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि चौरगांव मुसहरी पुल से उत्तरवारी टोला श्रीनगर बथौरा एवं पोल से लोरिया तक जाने वाली नहर के समीप खेतों में पानी फैल गया है. जिसके कारण मसूर, गेहूं, चना, आलू, धान, मकई एवं खेसारी की फसल पूरी तरह से पानी में डूब गई है. किसानों ने बताया कि पहले भी बाढ़ के कारण पूरी तरह से फसल बर्बाद हो गई थी. अब अचानक नहर से आई पानी ने रबी फसलों को चौपट कर दिया.

‘नहर सफाई के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च, लेकिन...’
आक्रोशित किसानों ने बताया कि एक दशक से नहर की सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण नहर का लेवल खेत से ऊपर हो गया है. जबकि संबंधित विभाग से नहर सफाई के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं. विभाग के द्वारा चौरगांव पंचायत भवन से शीतला स्थान तक नहर की सफाई का कार्य कराया गया है. लेकिन किसानों की समस्या का हल नहीं हो पाया है. लिहाजा उन्होंने जेसीबी से नहर की सफाई कराने की मांग की है. इधर नहर से खेतों में पानी जाने का सिलसिला जारी है जिससे किसान भयभीत हैं. किसानों ने बर्बाद हुए फसलों की क्षतिपूर्ति के लिए कृषि विभाग से सहायता राशि दिए जाने की भी अपील की है.

आवेदन मिलने के बाद पूरे मामले की जांच की जाएगी : SDPO
तारापुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राकेश रंजन कुमार ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद प्रखंड कृषि पदाधिकारी को प्रभावित स्थल का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है. रिपोर्ट मिलने के बाद किसानों को फसलों के नुकसान का मुआवजा दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि फिलहाल नहर में पानी छोड़ने की जानकारी नहीं है. इस संबंध में जानकारी ली जाएगी. उन्होंने कहा कि किसानों ने आरोप लगाया है कि नहर की खुदाई के नाम पर तीन बार राशि की निकासी हुई लेकिन कार्य नहीं हुआ. किसानों द्वारा आवेदन मिलने के बाद पूरे मामले की जांच की जाएगी.
रिपोर्ट : सुमित कुमार









