Group Suicide Case (Nalanda): बीते रोज गाजियाबाद से खबर सामने आई थी, जहां तीन बच्चियों ने सामूहिक रूप से आत्महत्या कर ली थी. इसके बाद यह मामला नालंदा (बिहार) के राजगीर थाना क्षेत्र स्थित जैन धर्मशाला से सामने आया है, जहां चार पर्यटकों ने एक साथ अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी. चौंकाने वाली यह भी है कि इस भयानक दुर्घटना की खबर दो दिनों तक किसी को नहीं लग सकी. अब पूरा इलाका दहशत में है.
तेज बदबू आने पर पुलिस को दी जानकारी
धर्मशाला के उस कमरे से जब तेज बदबू आने लगी तब स्थानीय लोगों को शक हुआ. इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई. सूचना मिलते ही राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह और थानाध्यक्ष रमन कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने दरवाजा तोड़कर जब कमरे में प्रवेश किया तो चारों पर्यटक एक ही कमरे में फांसी के फंदे से झूलते हुए पाए गए.
बेंगलुरु के बताए जा रहे सभी पर्यटक
पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन, आधार कार्ड और धर्मशाला का पंजीकरण रजिस्टर जब्त किया है। मोबाइल नंबर की जांच में सामने आया है कि सभी पर्यटक बेंगलुरु के रहने वाले बताए जा रहे हैं.
पारिवारिक कलह की जताई जा रही संभावना
डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मामला बेहद संवेदनशील है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम का इंतजार किया जा रहा है. वहीं दिगंबर जैन धर्मशाला के मैनेजर विजय कुमार जैन ने प्रारंभिक आशंका जताते हुए कहा कि संभव है कि पारिवारिक कलह के कारण चारों ने यह कदम उठाया हो.
धर्मशाला प्रबंधन की लापराही
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल आत्महत्या के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब दो दिनों तक कमरा नहीं खुला, तो धर्मशाला प्रबंधन ने समय रहते पुलिस या प्रशासन को सूचना क्यों नहीं दी?
फिलहाल घटनास्थल की बैरिकेडिंग कर दी गई है, पुलिस हर पहलू से जांच में जुटी है और यह भी आशंका जताई जा रही है कि चारों एक ही परिवार के सदस्य हो सकते हैं, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
Reporter: Virendra Kumar








