अखंड सौभाग्य और पति की लंबी उम्र की कामना को लेकर महिलाओं ने रखा वट सावित्री व्रत
सुहागन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखा तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की.

Saharsa / Bihar (Report By- Indradeo): ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर मनाए जाने वाले वट सावित्री व्रत को लेकर शनिवार को सहरसा में श्रद्धा और आस्था का माहौल देखने को मिला. सुहागन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखा तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की.
शहर के कचहरी ढाला मंदिर प्रांगण, नया बाजार रोड सहित विभिन्न इलाकों में बड़ी संख्या में महिलाएं वटवृक्ष के नीचे एकत्रित होकर सावित्री-सत्यवान की कथा सुनती नजर आईं. महिलाओं ने वटवृक्ष की पूजा कर उसके चारों ओर धागा बांधा और अखंड सौभाग्य की कामना की.
पौराणिक मान्यता के अनुसार भद्रदेश के राजा अश्वपति और रानी मालवती की पुत्री सावित्री अत्यंत सुंदर, बुद्धिमान और धर्मपरायण थीं. विवाह योग्य होने पर उन्होंने सत्यवान को अपना पति चुना. जब सत्यवान के प्राण यमराज ले जाने लगे, तब सावित्री ने अपनी दृढ़ निष्ठा, तप और बुद्धिमत्ता से अपने पति को पुनर्जीवित करा लिया. तभी से यह व्रत पति की दीर्घायु और वैवाहिक सुख के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है. इस अवसर पर महिलाओं में खासा उत्साह देखा गया और मंदिरों में दिनभर पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा.
अनामिका राज ने बताया कि वे अपने पति की लंबी उम्र के लिए यह व्रत करती हैं. वहीं ज्योति कुमारी ने कहा कि करीब एक महीने से इस पर्व की तैयारी चल रही थी और आज पति की सुख-समृद्धि एवं दीर्घायु की कामना की गई. पुनिता कुमारी ने बताया कि यह परंपरा बुजुर्गों के समय से चली आ रही है और महिलाएं इसे बड़ी श्रद्धा और आस्था के साथ निभाती हैं.
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