IPL 2026: चेन्नई सुपर किंग्स 2025 में अपना सबसे खराब प्रदर्शन देने के बाद 2026 के संस्करण में कदम रखने वाली है. बीते संस्करण में टीम ने सबसे निचले पायदान पर अपने सफर का अंत किया था. जिस टीम ने निरंतरता और दृढ़ता के दम पर अपनी पहचान बनाई है, उसके प्रशंसकों के लिए यह परिणाम एक बड़ा झटका था. धोनी की कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स अब तक 2008 से पांच दफा IPL जीत चुकी है.
CSK ने किए बुनियादी बदलाव
2023 में सीएसके को अंतिम दो गेंदों में रविंद्र जडेजा ने एक छक्का और एक चौका लगाकर जीत दिलाई थी. जिस क्षण को कोई भी क्रिकेट फैन भूल नहीं सकता. साथ ही इस साल के आईपीएल के लिए जडेजा को टीम से बाहर कर दिया जाएगा, ये सभी सीएसके फैंस के लिए अविश्वसनीय था. दरअसल, एक बड़े बदलाव के साथ टीम ने भविष्य के रास्ते खोलने का फैसला लिया. राजस्थान रॉयल्स के साथ हुए समझौते के बाद संजू सैमसन को सीएसके का पार्ट बना लिया गया और जडेजा को राजस्थान टीम ने अपना लिया. रविंद्र जडेजा के साथ सैम करन को भी राजस्थान के साथ समझौते में एक्सचेंज कर दिया गया.
जैसा कि सभी को पता है कि धोनी अब अपने उम्र के 45वें वर्ष में कदम रख चुके हैं और इस उम्र में आकर भी फिटनेस को मेंटेन करते हुए आईपीएल जैसे टी20 फॉर्मेट में टीम को मार्गदर्शन देने का काम कर रहे हैं. वहीं विकेट के पीछे अब भी धोनी की फुर्ती किसी से छुपी नहीं है. अधिकांश तौर पर कहा जा सकता है कि धोनी इस साल हमें अंतिम बार आईपीएल खेलते नजर आएंगे. ऐसे में सीएसके को भविष्य में अच्छे विकेटकीपर और टीम के लीडर के विकल्प पर भी गंभीरता से विचार करना था. इसी नजरिए से संजू सैमसन की टीम में एंट्री को आंका जा रहा है.
CSK की मजबूतियां
इस सीज़न में CSK की बल्लेबाजी काफी मजबूत दिख रही है. रुतुराज गायकवाड़ और संजू सैमसन शीर्ष क्रम में स्थिरता और आक्रामक बल्लेबाजी प्रदान करते हैं, जबकि आयुष म्हात्रे में काफी संभावनाएं हैं. शिवम दुबे की पावर हिटिंग और प्रशांत वीर जैसे युवा खिलाड़ियों की क्षमता बल्लेबाजी को गहराई प्रदान करती है. 44 वर्ष की आयु में भी धोनी की उपस्थिति अमूल्य बनी हुई है - उनकी रणनीतिक कुशलता और दबाव में शांत रहने की क्षमता बेजोड़ है. पिछले सीज़न में देवाल्ड ब्रेविस CSK के लिए एक शानदार खोज साबित हुए थे.
वह IPL 2026 अभियान में अधिक दृढ़ संकल्प और ज़िम्मेदारी के साथ आए हैं. इस प्रतिभाशाली दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी की टीम में मौजूदगी निस्संदेह CSK के मध्य क्रम को मजबूती प्रदान करती है. चेपॉक में खेलना एक और फायदा है, जहां स्पिन के अनुकूल परिस्थितियां नूर अहमद, अकेल हुसैन और राहुल चाहर के लिए उपयुक्त होने की उम्मीद है.
टीम का कमजोर पक्ष
गेंदबाजी आक्रमण में CSK कमजोर दिखती है. मथीशा पथिराना और सैम कुरेन के जाने के बाद, सुपर किंग्स के तेज गेंदबाजी विकल्प कमज़ोर नज़र आते हैं. खलील अहमद, मुकेश चौधरी, नाथन एलिस आदि जैसे खिलाड़ी उम्मीद जगाते हैं, लेकिन गेंदबाजी आक्रमण अभी भी लीग की कुछ अन्य टीमों की तुलना में थोड़ा कमजोर दिखता है. मैट हेनरी के आने से टीम को अनुभव तो मिला है, लेकिन यह देखना बाकी है कि वह सीएसके की प्रणाली में कैसे ढलते हैं और चेपॉक की परिस्थितियों के अनुकूल कैसे प्रदर्शन करते हैं.









