Uttar Pradesh: प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान के लिए जाने के क्रम में पुलिस द्वारा रोक दिया गया था. इससे शुरु हुए विवाद में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को कांग्रेस ने अपना पुरजोर समर्थन दिया है. बता दें कि मौनी अमावस्या के दिन हुए इस विवाद में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ पुलिस की हाथापाई भी हुई थी. इसी प्रकरण को अब कांग्रेस ने एक पोस्टर के जरिए उठाया है. जिसमें मनुस्मृति का एक वाक्य भी लिखा हुआ है.
लखनऊ में कांग्रेस पार्टी के दफ्तर के बाहर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्नरानंद के समर्थन में होर्डिंग लगाया गया है. ये होर्डिंग भारतीय युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अयोध्या विधानसभा से जुड़े नेता शरद शुक्ला ने लगाया है. इसमें मौनी अमावस्या स्नान पर्व के लिए जा रहे शंकराचार्य और पुलिस प्रशासन के साथ हुए विवाद को दिखाया गया है.
कांग्रेस पार्टी कार्यालय के बाहर लगाया गया है होर्डिंग
पोस्टर के एक तरफ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तस्वीर है और दूसरी तरफ कथित तौर पर शिष्यों की शिखा खींचे जाने की तस्वीर लगाई गई है. जिसमें बटुक हाथ जोड़कर प्रार्थना करते दिख रहा है. इस पोस्टर में श्रीरामचरितमानस की चौपाई 'जाको प्रभु दारुण दुख देही, ताकी मति पहले हर लेही' का उल्लेख करते हुए पूरे प्रकरण पर सवाल खड़े किए गए हैं.
शिष्यों के साथ मारपीट की लगाई तस्वीर
पोस्टर पर लिखी पंक्तियों का अर्थ है कि जिस व्यक्ति को भगवान बहुत बड़ा, असहनीय दुख देना चाहते हैं उसकी समझ-बूझ पहले ही छीन लेते हैं ताकि वो गलत निर्णय लेकर अपने दुख का कारण स्वयं ही बन जाएं. इसके साथ ही शंकराचार्य के साथ लिखा गया है कि 'जो गुरु या वेदाचार्य का अपमान करता है वो भयानक नरक में गिरता है.'
इस पोस्टर के माध्यम से कांग्रेस पार्टी ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया गया है. इससे पहले समाजवादी पार्टी के दफ्तर के बाहर भी शंकराचार्य के समर्थन में पोस्टर लगाए थे. बता दें कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को फोन कर भी बात की थी और अपना समर्थन जाहिर किया था.









