शादी के बाद ऐसा क्या हुआ? दुल्हन खुद पहुंची तो घर में नहीं घुसने दिया, गेट के पास धरने पर बैठी है नवविवाहिता
कैमूर के मोहनियां में शादी के बाद मायके गई विवाहिता जब ससुराल पहुंची तो कथित तौर पर घर का दरवाजा बंद कर दिया गया।


कैमूर: बिहार के कैमूर जिले के मोहनियां में शादी के बाद ससुराल से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पहली बिदाई के बाद मायके गई विवाहिता को कथित तौर पर ससुराल वाले लेने नहीं आए। पति और ससुराल पक्ष से बातचीत नहीं होने के बाद विवाहिता अपने परिजनों के साथ खुद ससुराल पहुंच गई। आरोप है कि उसे घर में प्रवेश नहीं दिया गया, जिसके बाद वह ससुराल के दरवाजे पर ही धरने पर बैठ गई।
मामला मोहनियां थाना क्षेत्र की शिवपुर कॉलोनी के वार्ड नंबर 13 का बताया जा रहा है। विवाहिता निधि सिंह का कहना है कि उसकी शादी इसी घर में हुई है और वह अपना घर छोड़कर कहीं नहीं जाएगी। उसने कहा कि जब तक ससुराल का दरवाजा नहीं खुलेगा, वह वहीं बैठी रहेगी।
चार महीने ससुराल में रही, फिर मायके गई तो नहीं लेने आए
निधि सिंह के मुताबिक उसकी शादी 7 मार्च 2025 को मोहनियां थाना क्षेत्र के अकोढ़ी गांव निवासी नथुनी सिंह के बेटे आलोक कुमार सिंह से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। विवाह के बाद शुरुआती समय में सब कुछ ठीक था। विवाहिता का कहना है कि वह करीब चार महीने तक ससुराल में रही।
इसके बाद बिदाई के दौरान वह मायके चली गई। निधि का आरोप है कि इसके बाद पति या ससुराल का कोई सदस्य उसे वापस लेने नहीं आया। उसने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर बातचीत भी नहीं की गई। काफी इंतजार के बाद निधि रविवार को अपने परिजनों के साथ ससुराल पहुंची। उसका आरोप है कि उसे देखकर घर का दरवाजा बंद कर दिया गया। काफी देर तक गुहार लगाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खोला गया तो वह वहीं धरने पर बैठ गई।
निधि ने कहा, “मेरी शादी हुई है इस घर में। जब तक ससुराल वाले दरवाजा नहीं खोलेंगे, तब तक यहीं बैठी रहूंगी।”
पिता का दावा- बेटी की शादी पर 40 लाख रुपये खर्च किए
विवाहिता के पिता मनोज सिंह ने बताया कि उनका परिवार भभुआ के वार्ड नंबर 5 का रहने वाला है। उन्होंने कहा कि बेटी की शादी अकोढ़ी गांव निवासी आलोक कुमार सिंह से हुई है, जो मोहनियां प्रखंड के सिरहिरा स्कूल में शिक्षक हैं।
मनोज सिंह का दावा है कि बेटी की शादी में करीब 40 लाख रुपये खर्च किए गए थे। उन्होंने कहा कि शादी के बाद बेटी करीब चार महीने ससुराल में रही और बिदाई के बाद मायके आने पर उसे लेने के लिए ससुराल से कोई नहीं आया।पिता का आरोप है कि जब वे अपनी बेटी के साथ ससुराल पहुंचे तो घरवालों ने दरवाजा बंद कर लिया। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी बेटी को घर में प्रवेश नहीं मिलता, वे भी उसके साथ दरवाजे पर बैठे रहेंगे।
मनोज सिंह ने यह भी कहा कि उनकी बेटी पर किसी से बातचीत करने और मारपीट करने जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन उनका दावा है कि ये आरोप गलत हैं। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में फिलहाल मुकदमा नहीं करना चाहते, बल्कि अपनी बेटी को उसके ससुराल में सम्मान के साथ रखना चाहते हैं।
पति और ससुराल पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी
विवाहिता और उसके पिता की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। वहीं पति और ससुराल पक्ष की ओर से इस पूरे मामले पर क्या कहना है, यह सामने नहीं आया है।
फिलहाल विवाहिता अपने परिजनों के साथ ससुराल के दरवाजे पर बैठी है और घर में प्रवेश की मांग कर रही है। अब देखना होगा कि परिवार के स्तर पर बातचीत से मामला सुलझता है या फिर प्रशासन और पुलिस को इसमें हस्तक्षेप करना पड़ता है।

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