Budget 2026: संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अपना 9वां केंद्रीय बजट 2026-27 पेश कर दिया है बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि घरेलू विनिर्माण क्षमता का निर्माण और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया गया है. लोक लुभावन वादों की बजाय सरकार ने आम जनता को अपनी प्राथमिकता दी. बयान-बाज़ी की जगह संशोधनों को चुना. केंद्र की मोदी सरकार ने असमंजस छोड़ निर्णायक कार्रवाई का मार्ग अपनाया है.
उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा लगातार आर्थिक वृद्धि और नियंत्रित महंगाई से चिह्नित रही है. नीतिगत फैसलों से मजबूत मैक्रो-आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित हुई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, पिछले 12 वर्षों में हमने जब से जिम्मेदारी संभाली है, देश की आर्थिक यात्रा स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, सतत विकास और नियंत्रित महंगाई से पहचानी जाने लगी है. जो अनिश्चितता और वैश्विक व्यवधानों के दौर में हमारे द्वारा सोच-समझकर किए गए फैसलों की उपलब्धि है.
7 प्रतिशत की उच्च विकास दर हासिल हुई- निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री ने कहा कि हमने दूरगामी संरचनात्मक सुधारों, वित्तीय सतर्कता और मौद्रिक स्थिरता का रास्ता अपनाया इसके साथ ही सार्वजनिक निवेश पर मजबूती से जोर दिया है. घरेलू विनिर्माण क्षमता मजबूत की गई, ऊर्जा सुरक्षा को सशक्त किया और अहम आयात पर निर्भरता कम की गई. इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि आम नागरिकों तक सरकार के प्रत्येक कदम का लाभ पहुंच पाए. देश में कृषि उत्पादकता, रोजगार सृजन, घरेलू क्रय शक्ति और सेवाओं तक सार्वभौमिक पहुंच के लिए संशोधन किए गए. इससे करीब 7 फीसदी उच्च विकास दर हासिल हुई. और देश में गरीबी कम करने साथ ही लोगों के जीवन स्तर में सुधार में विशेष प्रगति हुई है.
हर किसी तक पहुंचे विकास का लाभ
निर्मला सीतारमण ने कहा रि देश की जनता का मैं आभार व्यक्त करती हूं, जो दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की हमारी इस यात्रा में मजबूती से साथ खड़ी रही. आकांक्षाओं को उपलब्धियों में हमारा लक्ष्य और संभावनाओं को प्रदर्शन में परिवर्तित है, जिससे विकास का लाभ प्रत्येक किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, घुमंतू समुदायों, युवाओं, गरीबों और हर महिलाओं तक पहुंचे. बजट भाषण की शुरुआत में वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि बयान-बाज़ी की बजाय सरकार ने सुधारों को प्राथमिकता दी, और इसी नीति की वजह से जारी भू-राजनीतिक संकटों के बावजूद 7.2 प्रतिशत की GDP वृद्धि दर हासिल करने में भारत सफल रहा.
वित्त मंत्री के बड़े ऐलान, 10 हजार करोड़ का SME ग्रोथ फंड
वित्त मंत्री ने ऐलान करते हुए कहा कि SME ग्रोथ फंड 10 हजार करोड़ का रहेगा. सरकार टेक्सटाइल सेक्टर को भी बूस्टर देगी. इसके अलावा सरकार 5 लाख से ऊपर की आबादी वाले शहरों में इन्फ्रा बूस्ट करेगी. उन्होंने कहा कि हम इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की शुरुआत करेंगे. साथ ही उद्योग-नेतृत्व वाले रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटरों पर विशेष ध्यान किया जाएगा. जिससे कुशल वर्कफोर्स और तकनीक आधारित तैयार की जा सकेगी. वैश्विक हालात पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ऐसे कई बाहरी माहौल का आज हम सामना कर रहे हैं, जहां व्यापार और बहुपक्षवाद दबाव में हैं और संसाधनों तक पहुंच व सप्लाई चेन बाधित हैं.
उत्पादन प्रणालियों को नई तकनीकें बदल रही हैं, पानी, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों की मांग तेजी से बढ़ने लगी है. विकसित भारत की दिशा में हमारा भारत आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता ही रहेगा. महत्वाकांक्षा और समावेशन के बीच जहां संतुलन बना रहेगा. भारत को बढ़ती अर्थव्यवस्था और व्यापार व पूंजी की जरूरतों के साथ वैश्विक बाजारों से गहराई से जुड़े रहना होगा, अधिक निर्यात करना होगा और स्थिर दीर्घकालिक निवेश आकर्षित करना होगा.
बायो फार्मा सेक्टर के लिए ऐलान
वित्त मंत्री ने बायो-फार्मा सेक्टर के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भारत को वैश्विक बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने के लिए मैं ‘बायो फार्मा शक्ति’ योजना का प्रस्ताव रखती हूं. इसके लिए आगामी 5 वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा. इससे बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन के लिए मजबूत इको-सिस्टम तैयार होगा.
इन 6 सेक्टर पर सरकार का फोकस
आर्थिक विकास को गति देने के लिए छह प्रमुख क्षेत्रों में हस्तक्षेप का प्रस्ताव रखते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, तेजी और स्थिर आर्थिक वृद्धि के लिए हम छह क्षेत्रों पर फोकस करेंगे. 7 रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार, परंपरागत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्जीवन, चैंपियन MSMEs का निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बढ़ावा, दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना, सिटी इकोनॉमिक रीजन का विकास है.
दिल्ली-वाराणसी सहित 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का बड़ा ऐलान
केंद्रीय बजट 2026-27 में दिल्ली-वाराणसी सहित 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का भी बड़ा ऐलान किया गया. बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधा स्थापित की जाएगी. दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-सिलीगुड़ी में भी हाई-स्पीड रेल कॉरीडोर तैयार किए जाएंगे. आगामी 5 वर्षों में 5 औद्योगिक क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव दिया गया है. बजट भाषण में घोषणा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपए कर दिया गया है.
बजट में MSME, इंफ्रा और विकसित भारत का रोडमैप
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह पहला केंद्रीय बजट है जिसे कर्तव्य भवन में तैयार किया गया है. वित्त मंत्री ने विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में देश की जनता के साथ मजबूती से खड़े रहने के लिए आभार जताया. उन्होंने बजट को त्रिआयामी दृष्टिकोण पर आधारित बताया.
पहला कर्तव्य- आर्थिक विकास को तेज और सतत बनाए रखना
दूसरा कर्तव्य- लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमताओं का निर्माण करना
तीसरा कर्तव्य- सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत के अनुरूप समावेशी विकास.
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि इन तीनों लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सहायक परिवेश, दक्ष पूंजी आवंटन और जोखिम प्रबंधन बेहद जरूरी है.
350 से ज्यादा सुधार, रफ्तार में रिफॉर्म एक्सप्रेस
वित्त मंत्री ने कहा कि रोजगार सृजन और विकास को गति देने को लेकर व्यापक रुप से आर्थिक सुधार हुए हैं. प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद अब तक 350 से ज्यादा सुधारों को लागू किया जा चुका है. वित्त मंत्री ने कहा, अपने तय मार्ग पर रिफॉर्म एक्सप्रेस पूरी रफ्तार से चल रही है. आर्थिक विकास के लिए सरकार ने 6 बड़े फोकस एरिया तैयार किया है केंद्र सरकार ने विकास को तेज करने के लिए 6 क्षेत्रों में पहलों का प्रस्ताव रखा है.
चैंपियन MSME का निर्माण.
रणनीतिक और अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण को तेज करना.
विरासत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्जीवन.
दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता.
इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बढ़ावा.
शहरों में आर्थिक क्षेत्रों का विकास.
MSME पर बड़ा दांव, चैंपियन बनाने की तैयारी
केंद्रीय बजट 2026-27 में पहले कर्तव्य के तहत चैंपियन MSME के निर्माण पर जोर दिया गया.
200 विरासत औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने की योजना.
केंद्र और राज्यों के साथ मिलकर उच्च स्तरीय समितियों का गठन.
MSME के लिए 10 हजार करोड़ रुपए की SME विकास निधि का प्रस्ताव.
आत्मनिर्भर भारत निधि में 2,000 करोड़ रुपये का टॉप-अप.
TREDS और MSME फाइनेंसिंग को मजबूती
सरकारी खरीद की जानकारी साझा करने के लिए GeM को TREDS से जोड़े जाने की घोषणा की गई है. इसके जरिए MSME को अब तक 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग की जाएगी. TREDS को लेन-देन निपटान प्लेटफॉर्म के रूप में अनिवार्य किया गया. बीजक छूट के लिए CGTMSE के माध्यम से ऋण गारंटी सहायता दी जाएगी. TREDS प्राप्तियों को आस्ति-समर्थित प्रतिभूतियों के रूप में पेश किया जाएगा.
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का शुभारंभ
भारतीय IP डिजाइन और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर फोकस.
उद्योग आधारित अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित होंगे.
इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना में लक्ष्य से पहले दोगुना निवेश.
इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण योजना का परिव्यय बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये.
बायोफार्मा में भारत बनेगा ग्लोबल हब
भारत को वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा.
अगले 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये के परिव्यय से ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना.
बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा.
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) को मजबूत करने का प्रस्ताव.
खनिज, केमिकल और कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग
दुर्लभ खनिज कॉरिडोर के लिए खनिज संपन्न राज्यों की मदद.
ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में खनिज कॉरिडोर.
तीन समर्पित केमिकल पार्कों की स्थापना के लिए नई योजना.
ऑटोमेटेड सर्विस ब्यूरो के तहत 2 हाई-टेक टूल रूम.
10 हजार करोड़ रुपये के बजट के साथ कंटेनर विनिर्माण योजना.
वस्त्र, हथकरघा और फाइबर सेक्टर पर फोकस
रेशम, ऊन और जूट के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना.
पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना.
बुनकरों और कारीगरों के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम.
टैक्स-इको पहल से वैश्विक प्रतिस्पर्धी परिधानों को बढ़ावा.
वस्त्र कौशल उन्नयन के लिए समर्थ 2.0.
मेगा टेक्सटाइल्स पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव.
ग्रामीण विकास और खेल उद्योग
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना का प्रस्ताव.
एक जिला-एक उत्पाद को बढ़ावा, ग्रामीण युवाओं को फायदा.
भारत के सस्ते खेल सामान के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने की संभावना.
इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्चः 2026-27 में पूंजीगत खर्च 12.2 लाख करोड़ रुपये, टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रा मजबूती पर जोर, 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में इंफ्रा विकास जारी, आंशिक लोन गारंटी के लिए इंफ्रा रिस्क गारंटी फंड, समर्पित REITs से रियल एस्टेट परिसंपत्तियों की रीसाइक्लिंग.
रेल, जलमार्ग और ग्रीन ट्रांसपोर्टः 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शहरों के बीच विकास सेतु बनेंगे, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, अगले 5 वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग, बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधाएं, समुद्री विमान VGF योजना की शुरुआत.
ग्रीन इंडस्ट्री और कार्बन कैप्चरः औद्योगिक क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण पर जोर, 5 वर्षों में 5 औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव.







