Union Budget 2026: संसद में आज, 1 फरवरी (रविवार) को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 9वीं बार अपना केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया. बता दें, यह बजट तब आया है जब वैश्विक स्तर पर ट्रेड वॉर और आर्थिक अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. केंद्र की इस बजट से झारखंड की राजनीतिक गलियारों से नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की है. सत्ता पक्ष के नेता इसे निराशाजनक बता रहे तो वहीं विपक्ष का कहना है कि बजट में आम लोगों की आय बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है.
युवाओं को ध्यान ने रखकर पेश किया गया बजट- बाबूलाल मरांडी
झारखंड विधानसभा के नेताप्रतिपक्ष और बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने बजट 2026-27 को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की है. उन्होंने कहा है कि यह बजट 2047 के विकसित भारत बनाने दिशा में है आर्थिक विकास को गति देने के लिए उत्पाद, रोजगार पर जोड़ दिया गया, लोगों की आय बढ़ने वाला बजट में ध्यान दिया गया, बायो-फार्मा को मजबूत किया गया है भारत ने दवाओं का उत्पादन बढ़ाने पर जोड़ दिया गया. इससे देश में दवा सस्ती होगी. और हम दवा भारत से बाहर भी भेज सकते है.
उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल के क्षेत्र ने वित्त मंत्री सीतारमण जी ने विशेष ध्यान दिया है, 200 औद्योगिक कॉरिडोर का निर्माण होगा. MSME को फंड दिए जाने से सभी राज्य को लाभ मिलेगा. ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा, भारत मेडिकल ट्यूरिज्म हब बनता है तो झारखंड को ज्यादा फायदा होगा. गरीब बच्चियों के लिए हर शहर में गर्ल्स हॉस्टल का लाभ होगा. यह बजट युवाओं को ध्यान ने रखकर पेश किया गया. तीर्थ स्थल को विकसित किया जाएगा. राज्य में कई बड़े तीर्थ स्थल है जिससे इसका लाभ मिलेगा. महिलाओं और किसानों के लिए बड़ा कदम है.
2047 के विकसित भारत को लेकर एक संतुलित बजट- अमर बाउरी
बीजेपी के पूर्व नेता प्रतिपक्ष सह बीजेपी नेता अमर कुमार बाउरी ने भी बजट पेश होने के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि आज रविवार होते हुए भी एक नई परंपरा को स्थापित करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री ने 2047 के विकसित भारत के संकल्प के साथ बजट देश को समर्पित किया है.
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 के विकसित भारत के संकल्प के लिए नए इंफ्रास्ट्रक्चर, नए रोजगार सृजन, टूरिज्म, बायोफार्मा आदि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. आत्मनिर्भर भारत की कल्पना को साकार करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री ने एक जिला एक प्रोडक्ट वाला यह बजट पेश किया गया है. यह बजट 2047 के विकसित भारत को लेकर एक संतुलित बजट है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित पूरे मंत्रिमंडल को इस संतुलित बजट के लिए बधाई दी.
सत्ता पक्ष ने बजट को बताया जुमलों का बजट
वहीं संसद भवन में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट किए जाने के बाद झारखंड सत्ता पक्ष के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने केंद्रीय बजट 2026-27 को लोक लुभावन, निराशाजनक और जुमलों का बजट बताया.
बजट विकास का नहीं, जुमलों का बजट है- इरफान अंसारी
झारखंड सरकार में स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने बजट पर कहा कि केंद्रीय बजट जनता के लिए राहत नहीं, हार्ट अटैक है. ना महंगाई पर कंट्रोल, ना रोजगार, ना स्वास्थ्य. रांची को आज भी #AIIMS नहीं. युवा, किसान, मध्यम वर्ग सब नज़रअंदाज़ किया गया. यह बजट विकास का नहीं, जुमलों का बजट है.
बजट की बातें जमीन पर उतर जाएं तो स्वागतयोग्य होगा- मंत्री दीपिका पांडे सिंह
वहीं ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि बजट में 2014 से अब तक जो बातें कही जाती रही हैं, सदन में बड़े-बड़े वादे रखे जाते रहे हैं, अगर वे वास्तव में ज़मीन पर उतर जाएं तो यह स्वागतयोग्य होगा. लेकिन हमारा अनुभव बताता है कि झारखंड जैसे राज्यों के साथ पिछले कई वर्षों से सौतेला व्यवहार किया गया है. राज्य का पैसा रोका जाना, बकाया राशि न मिलना और विकास कार्यों में अनावश्यक बाधाएं खड़ी करना पहले भी चिंता का विषय था और इस बार भी केंद्र की मंशा वही दिख रही है.
पिछले छह सालों में हमने यह भेदभाव लगातार देखा है. अब सवाल यह है कि इस समस्या का समाधान होगा भी या नहीं, यह आने वाला समय बताएगा. इस बजट में टैक्स को लेकर मध्यम वर्ग और गरीबों के लिए कोई ठोस राहत नहीं दी गई. सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि नौकरियां कैसे पैदा होंगी, युवाओं को रोजगार कैसे मिलेगा? मजदूरों के अधिकार लगातार छीने जा रहे हैं, महिलाओं के लिए भी कोई विशेष और प्रभावी पहल सामने नहीं आई है.
चुनावी राज्यों के लिए है यह बजट- सुप्रियो भट्टाचार्य, JMM केंद्रीय महासचिव
JMM (झारखंड मुक्ति मोर्चा) के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट डाक के तीन पात जैसा है. यह केवल लोक लुभावना बजट है. महंगाई से राहत देने वाली कोई व्यवस्था इस बजट में नहीं है. बजट के बाद शेयर बाजार भी औंधे मुंह धड़ाम से गिर गया. सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि जहां चुनाव होने हैं उन्हीं चुनावी राज्यों के लिए ही यह बजट है. झारखंड जैसे राज्यों के लिए तो बजट में कुछ भी नहीं है.
निर्मला सीतारमण जी के पति ही समझ पाएंगे यह बजट- राजेश ठाकुर, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष
झारखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने बजट पर कहा कि यह ऐसा बजट है जिसे सिर्फ निर्मला सीतारमण जी के पति ही समझ पाएंगे, क्योंकि वे देश के बड़े अर्थशास्त्री हैं. यह बजट आम आदमी की पहुंच और समझ दोनों से परे है बजट में गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ती जरूर हुई हैं क्योंकि ये सभी बीमारी भी इन 10 सालों में इन्होंने ही बढ़ाया है. बजट में संघीय ढांचे का भी ख्याल नहीं रखा गया और न शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और महंगाई पर कोई चर्चा है.
उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लोग डिप्रेशन में है इसलिए इस बजट को अभूतपूर्व बता रहे हैं. यह बजट निराशाजनक है. पहली बार इनकम टैक्स स्लैब में कोई राहत नहीं दिया गया. बजट पेश होने के साथ ही शेयर बाजार धड़ाम से गिरा. जिससे लोगों के करोड़ों डूब गए.
रिपोर्ट- नवीन शर्मा / सत्यव्रत किरण








