71 साल बाद बदलेगा पटना के रावण वध का ठिकाना! 2027 में गांधी मैदान नहीं, मरीन ड्राइव के पास होगा आयोजन
पटना के गांधी मैदान में 1955 से हो रहा रामलीला और रावण वध का आयोजन अब 2027 से नए स्थान पर होगा।


पटना: पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में पिछले 71 वर्षों से आयोजित हो रही रामलीला और रावण वध की परंपरा अब नए पड़ाव पर पहुंचने वाली है। साल 2027 में दशहरा के मौके पर रामलीला और रावण वध का आयोजन गांधी मैदान में नहीं, बल्कि मरीन ड्राइव के पास तैयार हो रहे नए रामलीला मैदान में किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर आयोजित दही-हांडी उत्सव के दौरान इसकी घोषणा की।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, मार्च 2027 तक मरीन ड्राइव के पास तीन बड़े मैदान तैयार कर लिए जाएंगे। इनमें से एक मैदान को विशेष रूप से रामलीला मैदान के नाम से विकसित किया जाएगा। यहां रामलीला और रावण वध के अलावा भविष्य में बड़े सांस्कृतिक और सार्वजनिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकेंगे।
1955 से गांधी मैदान में हो रही है रामलीला
पटना के गांधी मैदान में रामलीला और रावण वध का आयोजन वर्ष 1955 से श्री दशहरा महोत्सव समिति की ओर से किया जा रहा है। दशहरा के दिन रावण वध देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग गांधी मैदान पहुंचते हैं। इस आयोजन ने शहर की सांस्कृतिक पहचान में अपनी खास जगह बनाई है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि पिछले साल वह तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ गांधी मैदान में रावण वध देखने पहुंचे थे। उस दौरान दशहरा महोत्सव समिति के सदस्यों ने रामलीला और रावण वध के लिए एक स्थायी स्थल उपलब्ध कराने का आग्रह किया था।
अब सरकार ने इस मांग को नए मैदान के रूप में पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पटना के जिलाधिकारी को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
मरीन ड्राइव के पास बनेगा नया रामलीला मैदान
मुख्यमंत्री के अनुसार, मरीन ड्राइव के बगल में मार्च 2027 तक तीन बड़े मैदान तैयार किए जाएंगे। इन्हीं में से एक को रामलीला मैदान के रूप में विकसित किया जाएगा।
नया मैदान तैयार होने के बाद यहां दशहरा के दौरान रामलीला और रावण वध का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा बड़े सांस्कृतिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।
हालांकि, नए आयोजन स्थल के निर्माण के सामने फिलहाल गंगा के बढ़े जलस्तर की चुनौती है। नेपाल से पानी आने के बाद गंगा का जलस्तर बढ़ने से मरीन ड्राइव के आसपास चल रहे निर्माण कार्य की गति प्रभावित हुई है। प्रशासन को उम्मीद है कि जलस्तर कम होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सकेगी।
जन्माष्टमी पर CM ने दिया अन्याय के खिलाफ संघर्ष का संदेश
दही-हांडी उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भगवान राम और भगवान कृष्ण के आदर्शों का उल्लेख करते हुए अन्याय के खिलाफ खड़े होने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि भगवान राम ने समाज को मर्यादा का संदेश दिया, जबकि भगवान कृष्ण ने अन्याय के खिलाफ संघर्ष की सीख दी। महाभारत का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान कृष्ण ने युद्ध से पहले सभी पक्षों को समझाने और समाधान का अवसर दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्याय करने वाले को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए और अंत में अन्याय का समाप्त होना तय है।
अब 2027 का दशहरा पटना के लिए कई मायनों में अलग होगा। एक तरफ गांधी मैदान में 1955 से चली आ रही रामलीला और रावण वध की परंपरा का नया अध्याय शुरू होगा, तो दूसरी ओर मरीन ड्राइव के पास बनने वाला रामलीला मैदान शहर के नए सांस्कृतिक केंद्र के रूप में सामने आ सकता है।

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