Jharkhand (Ranchi): एलपीजी गैस की किल्लत इन दिनों देश के कई हिस्सों में देखने को मिल रही है. गैस गोदाम और एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें आम हो गई हैं. इस कमी का असर सीधे लोगों की किचन पर पड़ रहा है. लेकिन इस संकट की आंच अब राजधानी रांची के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स की रसोई तक भी पहुंचने लगी है.
रिम्स की रसोई पिछले करीब 18 वर्षों से लगातार जल रही है. मौसम चाहे जैसा हो या परिस्थिति कैसी भी हो, यहां चूल्हा कभी नहीं बुझता. इसी किचन में हर दिन लगभग 1800 मरीजों के लिए भोजन तैयार किया जाता है. राज्य सरकार की ओर से भर्ती मरीजों को दिन में तीन वक्त निशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है, जो अस्पताल परिसर स्थित किचन में ही बनता है.
हालांकि गैस की कमी का असर अब यहां भी दिखने लगा है. पहले किचन में एलपीजी सिलेंडर का 5 से 6 दिनों का स्टॉक रहता था, लेकिन अब यह घटकर केवल एक दिन का रह गया है. रिम्स प्रबंधन ने एलपीजी एजेंसी को पत्र लिखकर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया है और जरूरत पड़ने पर अन्य एजेंसियों से भी संपर्क किया जा रहा है.
फिलहाल मरीजों के भोजन पर असर नहीं पड़ा है, लेकिन अगर स्थिति लंबी चली तो अस्पताल की इस बड़ी रसोई के सामने चुनौती खड़ी हो सकती है.
रिपोर्ट: सत्यव्रत किरण






