"24 घंटे का नोटिस देकर नहीं तोड़ सकते दुकान", HC ने रांची नगर निगम से 6 सप्ताह में मांगा जवाब
रांची के किशोरगंज चौक स्थित दुकान को 24 घंटे के नोटिस पर हटाने की कार्रवाई पर झारखंड हाईकोर्ट ने रोक लगा दी। अदालत ने रांची नगर निगम से छह सप्ताह में जवाब मांगा है।

Ranchi: रांची के किशोरगंज चौक स्थित एक दुकान के स्ट्रक्चर को हटाने की रांची नगर निगम की मनमानी कार्रवाई पर झारखंड उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए नगर निगम द्वारा की जा रही तोड़फोड़ की कार्रवाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने रांची नगर निगम को छह सप्ताह के भीतर इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
स्वीकृत नक्शा होने के बावजूद दिया गया था 24 घंटे का अल्टीमेटम
मामले में प्रार्थी मेहुल मृगेंद्र की ओर से अधिवक्ता शादाब इकबाल और अधिवक्ता आयुष राज ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता शादाब इकबाल ने अदालत को अवगत कराया कि 7 अगस्त को रांची नगर निगम ने उनके आवास के सामने स्थित दुकान के स्ट्रक्चर को अवैध बताते हुए उसे हटाने के लिए महज 24 घंटे का नोटिस दिया था। प्रार्थी की ओर से दलील दी गई कि जिस परिसर में दुकान स्थित है, उसका स्वीकृत नक्शा (Approved Plan) मौजूद है, इसके बावजूद निगम प्रशासन जबरन दुकान तोड़ने का प्रयास कर रहा है, जो नियमसंगत नहीं है।
6 सप्ताह के भीतर नगर निगम को देना होगा जवाब
प्रार्थी की दलीलों को सुनने और दस्तावेजों पर गौर करने के बाद हाईकोर्ट ने नगर निगम की इस कार्रवाई पर स्टे लगा दिया। अदालत ने नगर निगम को अपना पक्ष रखने के लिए छह सप्ताह की मोहलत दी है। मामले की अगली सुनवाई नगर निगम द्वारा जवाब दाखिल किए जाने के बाद की जाएगी। तब तक के लिए दुकान के स्ट्रक्चर पर निगम की किसी भी कार्रवाई पर पूरी तरह रोक रहेगी।
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