'ACB कोर्ट से झटका, हाईकोर्ट से राहत!', रिम्स जमीन घोटाले के मुख्य आरोपी शुभम साबू को मिली बेल
राजधानी रांची के बहुचर्चित रिम्स जमीन घोटाला मामले में मुख्य आरोपी और बिल्डर शुभम साबू को झारखंड उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिल गई है।

Ranchi: राजधानी रांची के बहुचर्चित रिम्स जमीन घोटाला मामले में मुख्य आरोपी और बिल्डर शुभम साबू को झारखंड उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए शुभम साबू की नियमित जमानत याचिका मंजूर कर ली है। इससे पूर्व विशेष भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत में आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता श्रुति श्रेष्ठ ने पक्ष रखा। उल्लेखनीय है कि इस मामले में पूर्व में आरोपी चेतन कुमार और राजेश कुमार झा को भी अदालत से जमानत मिल चुकी है।
फर्जी वंशावली और पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए बेची गई रिम्स की जमीन
यह पूरा मामला राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) की बेशकीमती सरकारी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री और फर्जीवाड़े से जुड़ा है। जांच में जमीन दलालों, बिल्डरों, निबंधन व अंचल कार्यालय के कर्मचारियों तथा नक्शा पास करने वाले अधिकारियों की मिलीभगत और संदिग्ध भूमिका सामने आई थी। ACB की जांच में पुष्टि हुई थी कि बड़ाईक बंधुओं (राजकिशोर बड़ाईक और कार्तिक बड़ाईक) ने फर्जी वंशावली तैयार की, जिसके आधार पर चेतन कुमार ने पावर ऑफ अटॉर्नी ली और फिर राजेश कुमार झा के माध्यम से बिल्डर को जमीन की अवैध बिक्री कराई गई। इस मामले में मोरहाबादी मौजा की 8 एकड़ और कोकर मौजा की 1.65 एकड़ जमीन पर अवैध रूप से कब्जा जमाया गया था।
हाईकोर्ट के आदेश पर चला था बुलडोजर, तोड़े गए थे अपार्टमेंट
रिम्स की जमीन पर अवैध कब्जे और फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद झारखंड हाईकोर्ट के सख्त निर्देश पर जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए रिम्स की अधिग्रहित जमीन पर बने अवैध भवनों और निर्माणाधीन अपार्टमेंट को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया था और जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया था। अदालत ने उस दौरान आम जनता को झांसा देकर फर्जी फ्लैट व घर बेचने वाले गिरोह के सभी चेहरों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। फिलहाल एसीबी इस पूरे सिंडिकेट और इसमें शामिल अन्य अधिकारियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।

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