बिहार में दिल्ली जैसा प्रोटेस्ट! JP गोलंबर पर सड़क पर बैठे हजारों प्रदर्शनकारी; फ्रेजर रोड का रास्ता बंद
पटना के JP गोलंबर पर सोमवार को नल जल अनुरक्षकों ने अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। पिछले 22 दिनों से धरना दे रहे प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए, जिसके कारण फ्रेजर रोड की ओर जाने वाला रास्ता बंद करना पड़ा।


पटना: बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को नल जल अनुरक्षकों के प्रदर्शन के कारण जेपी गोलंबर पर जंतर-मंतर जैसा नजारा देखने को मिला। अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर पिछले 22 दिनों से धरना दे रहे नल जल अनुरक्षक अब सड़क पर उतर आए हैं। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर के पास सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में तिरंगा भी नजर आया। अचानक बड़ी संख्या में लोगों के सड़क पर उतरने से इलाके में हलचल बढ़ गई है। प्रदर्शन को देखते हुए फ्रेजर रोड की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
22 दिन से धरना, अब सड़क पर उतरे नल जल अनुरक्षक
नल जल अनुरक्षक छह सूत्री मांगों को लेकर पिछले 22 दिनों से धरने पर बैठे हैं। लंबे समय से आंदोलन के बावजूद मांगों पर समाधान नहीं निकलने के बाद सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर उतरने का फैसला किया।
जेपी गोलंबर के आसपास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए और सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार को उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला लेना चाहिए।
₹18 हजार मानदेय की प्रमुख मांग
नल जल अनुरक्षकों की प्रमुख मांग मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रति माह करने की है। इसी के साथ वे अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर सरकार से समाधान की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उनका कहना है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द निर्णय करे।
फ्रेजर रोड का रास्ता बंद, भारी पुलिस बल तैनात
जेपी गोलंबर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के जुटने के कारण फ्रेजर रोड की ओर जाने वाली सड़क को बंद कर दिया गया है। इससे इस मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है और आसपास के इलाकों में भी ट्रैफिक पर असर पड़ने की संभावना है।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर डटे हुए हैं।
22 दिनों से चल रहा नल जल अनुरक्षकों का आंदोलन अब सड़क तक पहुंच गया है। ऐसे में सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार प्रदर्शनकारियों की छह सूत्री मांगों को लेकर क्या कदम उठाती है और आंदोलन को खत्म कराने के लिए बातचीत या समाधान की कोई पहल होती है या नहीं।

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