मोतिहारी में अवैध लॉटरी साम्राज्य पर पुलिस का बड़ा प्रहार, लाखों की टिकट, कैश और मोबाइल के साथ 7 गिरफ्तार
अवैध धंधा सिर्फ सट्टा नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध का रूप ले चुका है. सिंडिकेट का मुख्य निशाना युवा वर्ग है, जिन्हें जल्दी अमीर बनने के सपने दिखाकर इस गैरकानूनी कारोबार में झोंका जा रहा है.

Bihar (Motihari): मोतिहारी शहर में लंबे समय से जड़े जमा चुके अवैध लॉटरी कारोबार पर नगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क की परतें उधेड़नी शुरू कर दी हैं. नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन के नेतृत्व में नगर थाना क्षेत्र के हेंदरी बाजार में की गई सटीक छापेमारी के दौरान पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. छापेमारी के वक्त आरोपियों के पास से लाखों रुपये मूल्य के अवैध लॉटरी टिकट, नकद राशि और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी अवैध लॉटरी के स्थानीय एजेंट बताए जा रहे हैं, जो शहर के विभिन्न इलाकों में रोजाना लॉटरी टिकट खपाने का काम कर रहे थे. बरामद मोबाइल फोन में अवैध लॉटरी से जुड़े लेन-देन, नंबर ट्रांसमिशन और नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
युवाओं को बना रहे थे शिकार, लालच देकर फंसाने का खेल
सूत्रों की मानें तो यह अवैध धंधा सिर्फ सट्टा नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध का रूप ले चुका है. सिंडिकेट का मुख्य निशाना युवा वर्ग है, जिन्हें जल्दी अमीर बनने के सपने दिखाकर इस गैरकानूनी कारोबार में झोंका जा रहा है. कई युवा पढ़ाई और रोजगार छोड़कर इस धंधे में फंस चुके हैं, जिससे सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर गंभीर नुकसान हो रहा है.
कई थाना क्षेत्रों में फैला नेटवर्क, रोजाना लाखों का खेल
जानकारी के मुताबिक, नगर थाना क्षेत्र के मीना बाजार, ज्ञान बाबू चौक, बलुआ, राजा बाजार, वहीं छतौनी थाना क्षेत्र के बस स्टैंड, इसके अलावा रघुनाथपुर और मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में भी अवैध लॉटरी का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है. हर दिन लाखों रुपये की लॉटरी खेली जाती है, लेकिन लंबे समय तक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई के अभाव में यह सिंडिकेट और मजबूत होता चला गया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार इस अवैध कारोबार की शिकायतें की गईं, लेकिन कार्रवाई सीमित और खानापूर्ति तक ही सिमट कर रह गई, जिससे लॉटरी माफियाओं का हौसला लगातार बढ़ता गया.
छापेमारी से मचा हड़कंप, रडार पर बड़े संचालक
नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद अवैध लॉटरी कारोबार से जुड़े बड़े संचालकों और फाइनेंसरों में हड़कंप मच गया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क का मुख्य सरगना कौन है, पैसे का फ्लो किन-किन खातों और माध्यमों से हो रहा था और किन थाना क्षेत्रों में कौन-कौन से लोग इस धंधे को संरक्षण दे रहे थे फिलहाल, पुलिस का दावा है कि इस मामले में आगे और भी गिरफ्तारियां संभव हैं और पूरे सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जाएगी.
सबसे बड़ा सवाल यह है कि मामले में क्या लगातार कार्रवाई होगी ? हालांकि इस कार्रवाई को लेकर आम लोगों में उम्मीद जगी है, लेकिन सवाल अब भी कायम है कि क्या यह अभियान निरंतर चलेगा ? क्या छोटे एजेंटों के साथ-साथ बड़े माफिया भी सलाखों के पीछे जाएंगे ? या फिर कुछ दिनों की सख्ती के बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा ? मोतिहारी की जनता अब केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अवैध लॉटरी के पूरे नेटवर्क के सफाए की मांग कर रही है.
रिपोर्ट- प्रतिक सिंह









