बोकारो में कोल प्लांट से निकल रही जहरीली गैस, पास में ही स्कूल ; बच्चों की सेहत पर मंडराया बड़ा खतरा!
बोकारो के ऊपरघाट स्थित पलामू पंचायत के गीदरपटका इलाके में रामाहरिया कोल प्लांट से निकल रही गैस और धुएं ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है।

Bokaro: बोकारो के ऊपरघाट स्थित पलामू पंचायत के गीदरपटका इलाके में रामाहरिया कोल प्लांट से निकल रही गैस और धुएं ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। प्लांट से लगातार उठते धुएं को लेकर स्थानीय लोगों में भारी चिंता और आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि प्लांट प्रबंधन नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। कायदे से कोयले से निकलने वाली गैस और धुएं को ऊंची चिमनी और तय निकासी सिस्टम के जरिए बाहर निकाला जाना चाहिए, लेकिन यहां सब कुछ खुलेआम जमीन स्तर पर ही छोड़ा जा रहा है।
पास ही है स्कूल, बच्चों और मजदूरों की जान पर खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कोल प्लांट के बिल्कुल पास में ही एक स्कूल भी चलता है। ऐसे में खुले में फैल रही इस संदिग्ध गैस और घने धुएं की वजह से स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों, प्लांट में काम करने वाले मजदूरों और आसपास रहने वाले आम लोगों की सेहत पर बहुत बड़ा खतरा मंडराने लगा है। हवा में जहर घुलने से लोगों को सांस लेने में दिक्कत और अन्य बीमारियों का डर सता रहा है।
शिकायत के बाद भी प्रशासन ने साधी चुप्पी
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर नावाडीह के अंचल अधिकारी (सीओ) अभिषेक कुमार को बाकायदा लिखित आवेदन देकर पूरी बात बताई थी। लेकिन ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि लिखित शिकायत मिलने के बाद भी प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी और मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
थाना प्रभारी से जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
प्रशासन के ढुलमुल रवैये से नाराज ग्रामीणों ने अब पेंक थाना प्रभारी नीतीश कुमार से भी गुहार लगाई है और मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त एक्शन लेने को कहा है। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर बोकारो पुलिस और जिला प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है? उन्होंने मांग की है कि अधिकारी फौरन मौके पर जाकर मुआयना करें, गैस और धुएं के सोर्स की वैज्ञानिक जांच कराएं और नियमों को ताक पर रखने वाले प्लांट प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें।

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