मेदिनीनगर में डॉग बाइट की घटना से दहशत, ABC एवं ARV कार्यक्रम को दोबारा शुरू करने की उठी मांग
शहर में एक आवारा कुत्ते द्वारा कई बच्चों को काटे जाने की घटना के बाद लोगों में भय और चिंता का माहौल है। इस घटना में घायल सभी बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है

Medaninagar Palamu : शहर में एक आवारा कुत्ते द्वारा कई बच्चों को काटे जाने की घटना के बाद लोगों में भय और चिंता का माहौल है। इस घटना में घायल सभी बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
घटना के बाद आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और उनके वैज्ञानिक प्रबंधन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन एवं नगर निकाय से एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) तथा एंटी रैबीज वैक्सीनेशन (ARV) कार्यक्रम को पुनः प्रारंभ करने की मांग की है। उनका कहना है कि इन कार्यक्रमों के नियमित संचालन से आवारा कुत्तों की संख्या को मानवीय तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है और रेबीज जैसी गंभीर बीमारी के खतरे को भी कम किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी एक डॉग बाइट की घटना का सीधा कारण ABC या ARV कार्यक्रम का बंद होना नहीं माना जा सकता। हालांकि, यदि नसबंदी और एंटी रैबीज टीकाकरण कार्यक्रम लगातार चलते रहें, तो लंबे समय में आवारा कुत्तों की आबादी नियंत्रित होती है और आक्रामक व्यवहार तथा रेबीज संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के कई इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सुबह-शाम सड़क पर आने-जाने वाले लोगों, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और स्कूली विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई स्थानों पर कुत्तों के झुंड राहगीरों का पीछा करते हैं, जिससे दुर्घटना और डॉग बाइट का खतरा बना रहता है।
लोगों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि हालिया घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी अथवा आक्रामक कुत्ते के संबंध में विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। साथ ही शहर में व्यापक अभियान चलाकर आवारा कुत्तों की पहचान, नसबंदी, एंटी रैबीज टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा नागरिकों को डॉग बाइट से बचाव और काटने की स्थिति में तत्काल प्राथमिक उपचार तथा एंटी रैबीज वैक्सीन लेने के संबंध में जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की भी मांग की गई है। शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन यदि समय रहते प्रभावी और वैज्ञानिक कदम उठाता है, तो भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकती है और आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों, की सुरक्षा बेहतर ढंग से सुनिश्चित की जा सकती है।
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