JPSC घोटाले में अब CID के रडार पर 479 अभ्यर्थी, CID भेजेगी समन!
रांची पुलिस ने एक बड़ा एक्शन लेते हुए Binsys Technology के डायरेक्टर अरुण शर्मा को मुंबई से धर दबोचा है। पुलिस की टीम उसे गिरफ्तार करके सोमवार को रांची ले आई है

JPSC-JSSC Scam: झारखंड में JPSC की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए एक और चौंकाने वाली खबर है। इस बार घोटाले की आंच छोटे-मोटे दलालों से होते हुए सीधे आयोग के टॉप लेवल तक पहुंच गई है। CID की तगड़ी जांच में पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्ते पर जो आरोप लगे हैं, वो किसी के भी होश उड़ाने के लिए काफी हैं। जांच में पता चला है कि TDPL के अलावा Binsys Technology नाम की एक और कंपनी की साल 2025 में बैकडोर से एंट्री कराई गई थी और इसके पीछे करोड़ों रुपये की साठगांठ का बड़ा खेल हुआ है।
2 करोड़ नकद और 20% कमीशन का काला खेल
अब आपको बताते हैं कि इस पूरी डील में पैसों की सेटिंग कैसे हुई। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि Binsys Technology को आयोग का काम सौंपने के बदले में 2 करोड़ रुपये कैश और कुल पेमेंट का 20 प्रतिशत कमीशन फिक्स किया गया था। इससे पहले TDPL नाम की कंपनी के साथ भी बिल्कुल ऐसी ही डील पकड़ी जा चुकी है। इन खुलासों से CID को साफ पता चल गया है कि पूर्व चेयरमैन के राज में एक से ज्यादा बाहरी कंपनियों को गलत तरीके से टेंडर बांटने की पूरी दुकान चल रही थी।
मुंबई से दबोचा गया डायरेक्टर, अब रिमांड पर लेगी CID
इस मामले में रांची पुलिस ने एक बड़ा एक्शन लेते हुए Binsys Technology के डायरेक्टर अरुण शर्मा को मुंबई से धर दबोचा है। पुलिस की टीम उसे गिरफ्तार करके सोमवार को रांची ले आई है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस शख्स पर JSSC की परीक्षाओं में भी घपला करने का गंभीर आरोप है। अब CID इसे रिमांड पर लेने की पूरी तैयारी कर रही है ताकि यह उगलाया जा सके कि आखिर JPSC में इसे कौन-कौन से काम सौंपे गए थे और करोड़ों रुपये का लेन-देन किस रास्ते से हुआ।
एक मामूली कंप्यूटर ऑपरेटर ने कराई थी करोड़ों की सेटिंग
इस पूरे महाघोटाले में एक मामूली से कंप्यूटर ऑपरेटर का दिमाग भी शामिल था। CID की पड़ताल में यह बात प्रमुखता से सामने आई है कि पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्ते और इन कंपनियों के बीच करोड़ों की यह डील धर्मेंद्र कुमार नाम के एक कंप्यूटर ऑपरेटर ने ही करवाई थी। धर्मेंद्र ने साहब के रसूख का पूरा फायदा उठाया और कंपनियों के साथ जमकर सौदेबाजी की। हालांकि, TDPL मामले में पुलिस धर्मेंद्र को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब जांच एजेंसी अरुण शर्मा और धर्मेंद्र को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करने वाली है, जिससे कई और बड़े रसूखदारों के चेहरे बेनकाब होने की उम्मीद है।
479 छात्रों ने नहीं दी OMR शीट, अब CID भेजेगी समन
धांधली की बिल्कुल जड़ तक पहुंचने के लिए CID ने परीक्षा देने वाले 2,204 छात्रों से उनकी OMR शीट की कार्बन कॉपी मांगी थी। इनमें से 1,725 छात्रों ने तो अपनी कॉपी जमा कर दी है, लेकिन 479 छात्रों ने अभी तक अपनी कॉपी नहीं दी है। अब CID इन 479 लोगों की लिस्ट तैयार कर रही है और जल्द ही इन्हें समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाएगी। एजेंसी को पूरा शक है कि इन्हीं ओएमआर शीट में नंबरों की हेराफेरी की गई है। हालांकि, सिर्फ कॉपी जमा न करने से कोई अपराधी नहीं बन जाता, लेकिन अगर पूछताछ में इन छात्रों ने सबूत छिपाए या संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो इन पर सख्त कानूनी गाज गिरना बिल्कुल तय है।
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

रांची में रफ्तार और नशे का कहर!, बेकाबू कार ने तोड़ी घर की बाउंड्री, बाल-बाल बचे लोग

गिरिडीह पुलिस का बड़ा एक्शन!, '10 लाख' की रंगदारी मांगने वाला रंगदार गोविंद यादव गिरफ्तार, भेजा गया जेल







