NEW DELHI: तुर्कमान गेट के पास मस्जिद के सामने चला MCD का बुलडोजर, जानिए क्या है पूरा मामला?
दिल्ली स्थित तुर्कमान गेट के पास चलाए गए एमसीडी के बुलडोजर की चर्चा जोरों पर है. दरअसल यह बुलडोजर अतिक्रमण हटाने के लिए चलाया गया था, जबकि सोशल मीडिया के जरिए झूठी अफवाह फैलाने की कोशिश की गई कि बुलडोजर मस्जिद गिराने के लिए चलाया जा रहा है.

NEW DELHI: दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के सामने मंगलवार की देर रात एनसीडी के द्वारा बुलडोजर कार्रवाई की गई. एमसीडी ने अवैध रूप से बनाए गए निर्माण को तोड़ने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया. इस दौरान स्थानीय द्वारा विरोध स्वरूप पथराव किया जाने लगा. जिसमें पांच पुलिसकर्मियों को चोटें भी आई. स्थिति को संभालने की खातिर पुलिस ने आंसू गैस का प्रयोग किया, जिसके बाद कार्रवाई पूरी की गई.

MCD ने मस्जिद के पास क्यों की बुलडोजर कार्रवाई?
इस मामले की जानकारी देते हुए जॉइंट सीपी सेंट्रल रेंज मधुर वर्मा ने बताया कि तुर्कमान गेट इलाके में मस्जिद के पास अवैध निर्माण पर एमसीडी की नोटिस के बाद कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, इलाके को 9 जोन में बांटा गया था, जिसकी निगरानी एडिशनल डीसीपी रैंक के अधिकारी कर रहे थे. इस दौरान संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की 10 से ज्यादा कंपनियां और रैपिड ऐक्शन फोर्स भी तैनात की गई थी.

22 दिसंबर को ही जारी हुआ था नोटिस
इस मामले में कार्रवाई से पहले एमसीडी ने नोटिस जारी किया था. मिली जानकारी के अनुसार बीते 22 दिसंबर को एमसीडी ने नोटिस जारी करते हुए कहा था कि मस्जिद के लिए निर्धारित 0.195 एकड़ जमीन से बाहर बने सभी ढांचे अवैध हैं और उन्हें हटाया जाएगा. एमसीडी ने नोटिस में कहा कि मस्जिद कमेटी या दिल्ली वक्फ बोर्ड की तरफ से बाकी जमीन पर मालिकाना हक या कब्जे से जुड़े कोई भी दस्तावेज नहीं पेश किए गए.
दिल्ली में एमसीडी ने यह कार्रवाई 12 नवंबर को आए हाई कोर्ट के उस आदेश के बाद की है, जिसमें एमसीडी और पीडब्ल्यूडडी को रामलीला मैदान के पास 38,940 वर्गफुट अतिक्रमण तीन महीन में हटाने के निर्देश दिए थे. इस मामले में भी दिल्ली हाई कोर्ट ने मस्जिद प्रबंधन कमेटी की याचिका पर नोटिस जारी किया था, जिसमें एमसीडी की कार्रवाई को चुनौती दी गई थी. कोर्ट ने इस मामले को विचार योग्य माना और एमसीडी से जवाब भी मांगा है.
"लोगों को परेशानी न हो, इसलिए रात में की गई कार्वाई"
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी निधिन वलसन ने मीडिया से कहा, "करीब 25-30 लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव किया जिसमें पांच पुलिसकर्मियों को मामूली चोट लगी है. स्थिति नियंत्रण में करने के लिए हमें आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा. यहां एक बैंक्वेट हॉल और डिस्पेंसरी थी जिसे तोड़ा गया है. ये कार्रवाई रात में की गई है ताकि इससे स्थानीय लोगों को परेशानी ना हो."
भड़काऊ वीडियो की गई सर्कुलेट
पुलिस जांच में सामने आया है कि बवाल से पहले और दौरान सोशल मीडिया पर कई भड़काऊ वीडियो अपलोड किए गए. इन वीडियो में एक शख्स यह कहते हुए सुना गया- भाई, मस्जिद को तोड़ रहे हैं ये लोग.. मुसलमानों जाग जाओ, अभी भी वक्त है. इन वीडियो में यह झूठा दावा किया गया कि मस्जिद को गिराने के लिए बुलडोजर लगाए गए हैं. इतना ही नहीं, लोगों से अपील की गई कि वे अपनी दुकानें बंद कर बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचें. कुछ वीडियो में रास्तों की जानकारी दी गई, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग प्रदर्शन स्थल तक पहुंच सकें. धार्मिक नारे भी लगाए गए, जिससे माहौल और भड़क गया.









