गिरिडीह में राधा स्वामी संगठन फर्जीवाड़े में मास्टरमाइंड की पत्नी और दो मैनेजर गिरफ्तार, थाने के बाहर हंगामा
गाड़ियों के फाइनेंस और भारी मुनाफे का झांसा देकर हजारों लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले 'राधा स्वामी संगठन' के खिलाफ गिरिडीह पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।


Giridih: गाड़ियों के फाइनेंस और भारी मुनाफे का झांसा देकर हजारों लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले 'राधा स्वामी संगठन' के खिलाफ गिरिडीह पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मुख्य संचालक मुकेश सिन्हा की गिरफ्तारी के बाद अब पचंबा थाना पुलिस ने उसकी निशानदेही पर बुधवार तड़के उसकी पत्नी अनिता सिन्हा के साथ-साथ संगठन के दो मुख्य मैनेजरों सुबोध सिंह और अमित सिन्हा को भी गिरफ्तार कर लिया है। इस तरह गिरोह के चार प्रमुख शातिर अब पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। महिला आरोपी अनिता सिन्हा से महिला पुलिसकर्मियों की निगरानी में सघन पूछताछ की जा रही है।
अनिता सिन्हा की गिरफ्तारी पर भड़के ग्रामीण, थाना परिसर में भारी हंगामा
अनिता सिन्हा की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही ठगी का शिकार हुए सैकड़ों की संख्या में निवेशक और ग्रामीण पचंबा थाने के बाहर जमा हो गए। उग्र भीड़ आरोपियों को थाने से बाहर निकाल कर उनके हवाले करने की मांग करने लगी और परिसर में जमकर हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आक्रोश इतना अधिक था कि वे किसी भी सूरत में थाना परिसर से हटने को तैयार नहीं थे। बिगड़ते हालात और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन को तुरंत क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को मौके पर बुलाना पड़ा, जिसने मोर्चा संभालते हुए स्थिति को नियंत्रित किया।
जन्माष्टमी और सस्ते वाहन फाइनेंस के नाम पर करोड़ों का खेल, DSP ने किया खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी आरके राणा, इंस्पेक्टर ज्ञान रंजन और पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजनों के नाम पर भी लोगों की धार्मिक आस्था का फायदा उठाकर करोड़ों रुपये की उगाही करता था। जांच में सामने आया कि अनिता सिन्हा ही इस ठगी नेटवर्क की मुख्य कड़ी थी, जो वाहन खरीदारों को अपने झांसे में फंसाती थी। वह हर तरह की गाड़ियों को बेहद कम समय और आसान किश्तों पर फाइनेंस कराने का प्रलोभन देकर लोगों से लाखों रुपये ऐंठती थी।
कार्यालय बंद कर हुए थे फरार, एक-एक कर धराया पूरा सिंडिकेट
पैसे लेने के बाद जब लोग गाड़ियां सौंपने का दबाव बनाते, तो पति-पत्नी लगातार टालमटोल करते रहे। ठगी का दायरा बढ़ने और जनता के दबाव के चलते दोनों आरोपी कुछ महीने पहले पचंबा के बोडो स्थित अपने मुख्य कार्यालय पर ताला जड़कर शहर से फरार हो गए थे। पुलिस ने मंगलवार को पहले गुप्त सूचना के आधार पर मास्टरमाइंड मुकेश सिन्हा को गिरफ्तार किया और फिर उससे मिली जानकारी व निशानदेही के आधार पर बुधवार की अहले सुबह उसकी पत्नी अनिता सिन्हा सहित दोनों मैनेजरों को दबोच लिया। पुलिस अब इनके बैंक खातों, चल-अचल संपत्तियों और ठगी के अन्य तारों की जांच में जुटी है।

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

सदर अस्पताल में गुरुवार से शुरू होगी स्वाइन फ्लू जांच

DC साहब! के नाम से फिर बना फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल, हफ्ते भर में दूसरी बार बनी फेक प्रोफाइल







