मलय डैम की मुख्य नहर टूटी, धान की खेती पर संकट; किसानों ने की शीघ्र मरम्मत की मांग
मेदिनीनगर एवं लेस्लीगंज प्रखंड क्षेत्र के किसानों ने मलय डैम से निकलने वाली मुख्य नहर के टूट जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। किसानों का कहना है कि धान रोपनी का समय नजदीक है और यदि जल्द नहर की मरम्मत नहीं कराई गई, तो सिंचाई व्यवस्था बाधित होने से खरीफ फसलों पर गंभीर असर पड़ सकता है।

Medininagar Palamu के सतबरवा, सदर मेदिनीनगर एवं लेस्लीगंज प्रखंड क्षेत्र के किसानों ने मलय डैम से निकलने वाली मुख्य नहर के टूट जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। किसानों का कहना है कि धान रोपनी का समय नजदीक है और यदि जल्द नहर की मरम्मत नहीं कराई गई, तो सिंचाई व्यवस्था बाधित होने से खरीफ फसलों पर गंभीर असर पड़ सकता है। किसानों ने बताया कि मलय डैम की मुख्य नहर क्षेत्र की कृषि व्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। नहर के माध्यम से बड़ी संख्या में किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचता है। वर्तमान में नहर क्षतिग्रस्त होने के कारण सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि प्रभावित होने की आशंका है, जिससे धान की खेती संकट में पड़ सकती है।
इस समस्या को लेकर क्षेत्र के किसानों ने एकजुट होकर प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। किसानों का कहना है कि वे इस संबंध में कई बार जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि धान की खेती शुरू होने से पहले नहर की मरम्मत नहीं कराई गई, तो उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उनका कहना है कि सिंचाई व्यवस्था बाधित होने से किसानों की आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा और उत्पादन में भारी कमी आ सकती है। किसानों ने पलामू जिला प्रशासन एवं उपायुक्त से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र नहर की मरम्मत कराई जाए, ताकि क्षेत्र के किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा मिल सके और खरीफ फसल को नुकसान से बचाया जा सके।
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