पेसा को लेकर JMM का भाजपा पर करारा हमला, कहा- बीजेपी अब आदिवासियों को नहीं लूट पाएगी इसलिए हो रहा पेट में दर्द
पेसा के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर JMM ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य के तीन-तीन मुख्यमंत्रियों ने आदिवासी हित के लिए क्या किया.

Jharkhand(Ranchi): झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने आज पेसा के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य के तीन-तीन मुख्यमंत्रियों ने आदिवासी हित के लिए क्या किया. इन्हें पेसा पर बोलने का कोई हक नहीं है. पेसा को लेकर इनकी समझ ही नहीं है. ये लोग क्या बताएंगे. सुप्रियो भट्टाचार्य ने पूछा कि उड़ीसा और छत्तीसगढ़ में उनकी सरकार है वहां पेसा अभी तक क्यों नहीं लागू हुआ. 
दरअसल भारतीय जनता पार्टी के लोगों के पेट में इसलिए दर्द हो रहा है कि अब ये लोग झारखंड के आदिवासियों को लूट नहीं पाएंगे. क्योंकि पेसा लागू कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यहां के आदिवासियों को मजबूत और सशक्त बनाने का काम किया है. उन्होंने कहा कि बारतीय जनता पार्टी बिना किसी आधार के अनर्गल बातें कर रही है. राज्य के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने डोमिसाइल के मुद्दे पर पूरे झारखंड को अस्त व्यस्त कर दिया था. आदिवासियों के साथ उन्होंने कुठाराघात किया था. रघुवर दास ने तो सीएनटी एसपीटी एक्ट में छेड़छाड़ कर आदिवासियों को धोखा दिया और अर्जुन मुंडा जी ने तो केंद्र में मंत्री रहते हुए खुद की ही जाति को एसटी बना दिया. इसलिए पेसा पर ये लोग कुछ न ही बोलें तो बेहतर है.
‘नियमावली में रुढ़िजन्य विधि परंपरा की बात क्यों नहीं’
गौरतलब है कि पेसा कानून को लेकर भारतीय जनता पार्टी हेमंत सरकार पर हमलावर है. पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने पेसा को लेकर झारखंड सरकार पर सवाल उठाया है. अर्जुन मुंडा ने कहा है कि राज्य सरकार ने पेसा एक्ट 1996 की मूल आत्मा की निर्मम हत्या कर दी है. उन्होंने कहा है कि मूल पेसा एक्ट में ग्राम सभा की अवधारणा में रुढिजन्य विधि परंपरा की बात कही गयी है. झारखंड सरकार को बताना चाहिए कि नियमावली में इसे क्यों नहीं जोड़ा गया है.









