Jharkhand (Giridih): महिला दिवस के मौके पर राज्य के विभिन्न हिस्सों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. गिरिडीह जिला प्रशासन द्वारा समाहरणालय में एक ऐसे ही कार्यक्रम का आयोजन किया गया. ध्यान देने योग्य घटना यह रही कि महिलाओं को समर्पित इसी विशेष दिन जल सहियाओं द्वारा धरना प्रदर्शन भी किया गया. वह भी उसी जिला समाहरणालय के भवन के आगे.

इनकी मांगों को जानने व समझने के लिए डीसी रामनिवास यादव और पीएचईडी के पदाधिकारी अभिक अंबाला ने धरने पर बैठी महिलाओं से बातचीत की. जलसहिया संघ की सितारा परवीन ने अपनी मांगों को लेकर जानकारी देनी चाही, तो डीसी ने उनसे बात करने के बजाए फटकारना ज्यादा उचित समझा. अधिकारी का पारा सातवें आसमान पर था. जब उन्हें जेल भेजने की धमकी दे दी, तो सहिया संघ की महिलाएं भी शांत हो गईं.
पत्रकारों से बातचीत के दौरान संघ को नेतृत्व कर रही सितारा परवीन ने बताया कि बीते 6 महीने से उनका मानदेय बंद है. उन्होंने बताया कि तीन माह पूर्व गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने बकाये का भुगतान हो जाने का आश्वासन दिया था. जिसके बाद भी स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं हो सका.
सितारा परवीन का आरोप है कि वेतन मद में आवंटन आने के बाद भी जलसहियाओं के वेतन का भुगतान नहीं किया गया। उन्हें मजबूरन धरने पर बैठना पड़ रहा है. पीएचईडी पदाधिकारी ने बताया कि सिर्फ 200 सहियाओं का वेतन अटका हुआ है, जबकि 2200 कर्मियों के वेतन का भुगतान कर दिया गया है.
रिपोर्ट: मनोज कुमार पिंटू








