Israel-US war on Iran: यूएस और इजराइल के ईरान के साथ युद्ध का आज 26वां दिन है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सामने युद्ध विराम का सुझाव प्रस्तुत किया है. जिसे ईरान की सरकार मानती नजर नहीं आ रही. ईरान की सेना ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के वार्ता के नवीनतम दावे को खारिज कर दिया है और लड़ाई जारी रखने का वादा किया है. अमेरिकी मीडिया ने अज्ञात अधिकारियों के हवाले से बताया है कि वाशिंगटन ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को युद्ध समाप्त करने के लिए 15 सूत्री योजना का प्रस्ताव रखा है.
ट्रंप का ईरान के समक्ष प्रस्ताव?
- ईरान को अपने वर्तमान परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह विघटित करना होगा.
- ईरान को कभी भी परमाणु हथियार विकसित न करने की प्रतिबद्धता देनी होगी.
- ईरानी क्षेत्र के अंदर किसी भी प्रकार का यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
- 60 प्रतिशत संवर्धित लगभग 450 किलोग्राम यूरेनियम का स्टॉक अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को सौंपना होगा.
- नतांज, इस्फहान और फोर्डो स्थित परमाणु सुविधाओं को पूरी तरह नष्ट करना होगा.
- IAEA को पूरे ईरान में पूर्ण पहुंच और पूर्ण पारदर्शिता प्रदान करनी होगी.
- ईरान को अपने क्षेत्रीय प्रॉक्सी ऑपरेशनों को समाप्त करना होगा.
- सहयोगी मिलिशिया समूहों को समर्थन बंद करना होगा.
- हार्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक नौवहन के लिए हमेशा खुला रखना होगा.
- ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को रेंज (दूरी) और मात्रा दोनों में सीमित करना होगा.
- भविष्य में किसी भी मिसाइल का उपयोग सख्ती से केवल आत्मरक्षा तक ही सीमित रहेगा.
बीते 24 घंटों में 200 से अधिक इजरायली घायल: स्वास्थ्य मंत्रालय (ईजरायल)
इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि लेबनान में ईरान और हिजबुल्लाह के साथ जारी संघर्ष के दौरान पिछले 24 घंटों में 204 घायल लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.
ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध की शुरुआत से अब तक 5,045 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया जा चुका है. इनमें से 120 लोग वर्तमान में अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से 12 की हालत गंभीर बताई जा रही है.
मध्य गाजा में इजरायली ड्रोन हमले में मारे गए दो फिलिस्तीनी
सूत्रों के अनुसार, इजरायली हमले में नुसेरात शरणार्थी शिविर को निशाना बनाया गया, जो अक्टूबर में हुए "युद्धविराम" समझौते का नवीनतम उल्लंघन है. अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख ने कहा कि जरूरत पड़ने पर और तेल भंडार जारी करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा है कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतों में भारी वृद्धि के मद्देनजर वे तेल भंडार को और जारी करने के लिए तैयार हैं.
जापान के प्रधानमंत्री द्वारा IEA को दूसरी आपातकालीन निकासी के लिए तैयार रहने का निर्देश देने के बाद फातिह बिरोल ने टोक्यो में ये टिप्पणियां कीं.
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य (strait) अभी भी आंशिक रूप से जहाजों के लिए बंद है, जिससे ऊर्जा की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और लंबे समय तक आपूर्ति संकट की आशंकाएं बढ़ रही हैं.
IEA ने इस महीने की शुरुआत में 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने की घोषणा की थी, जो इसके इतिहास में सबसे बड़ी निकासी है.
उन्होंने कहा, "हमारे 80 प्रतिशत भंडार अभी भी हमारे पास हैं." उन्होंने आगे कहा, "यदि और जब आवश्यक हो, हम आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं," हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि "दुनिया एक गंभीर ऊर्जा सुरक्षा खतरे का सामना कर रही है."









