India-Russia Trade: 2030 तक 100 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य, क्रेमलिन ने जताया भरोसा
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने घोषणा की है कि भारत और रूस अमेरिकी दबाव और टैरिफ प्रतिबंधों के बावजूद वर्ष 2030 तक 100 अरब डॉलर के आपसी व्यापार लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.

India-Russia Trade: वैश्विक स्तर पर जारी कूटनीतिक और आर्थिक दबावों के बीच रूस ने भारत के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण ऐलान किया है. रूसी राष्ट्रपति कार्यालय 'क्रेमलिन' के मुख्य प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने स्पष्ट किया है कि रूस और भारत अपने आपसी आर्थिक संबंधों और व्यापार की मात्रा को लगातार बढ़ाने पर रणनीतिक रूप से काम कर रहे हैं. पेस्कोव के मुताबिक, दोनों मित्र राष्ट्र वर्ष 2030 तक 100 बिलियन डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में पूरी मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका लगातार नई दिल्ली पर मॉस्को से दूरी बनाने का भारी दबाव डाल रहा है.
अमेरिकी टैरिफ और प्रतिबंधों का असर बेअसर
भारत और रूस का यह बढ़ता व्यापारिक तालमेल अमेरिकी नीतियों को सीधी चुनौती दे रहा है. गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन ने पिछले साल रूसी कच्चे तेल की खरीद को लेकर भारत पर 50 प्रतिशत का भारी-भरकम टैरिफ भी लगाया था, जिसे बाद में अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया था. इस आर्थिक दबाव के बावजूद भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए रूस के साथ तेल और अन्य क्षेत्रों में व्यापार जारी रखा है, जिसे अब क्रेमलिन ने नई ऊंचाइयों पर ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई है.
'प्रिमाकोव रीडिंग्स' में पेस्कोव ने रेखांकित किए विशेष संबंध
मॉस्को में आयोजित 12वें इंटरनेशनल साइंटिफिक एंड एक्सपर्ट फोरम 'प्रिमाकोव रीडिंग्स' के दौरान दिमित्री पेस्कोव ने दोनों देशों के प्रगाढ़ होते संबंधों पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा, "हम आर्थिक संबंधों का दायरा बढ़ाने पर लगातार काम कर रहे हैं, जिसका ग्राफ तेजी से ऊपर जा रहा है." पेस्कोव ने याद दिलाया कि 2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार का यह महत्वाकांक्षी लक्ष्य दिसंबर में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान सर्वसम्मति से तय किया गया था. इसी मंच पर पेस्कोव ने उभरती वैश्विक व्यवस्था में भारत की भूमिका पर ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) थिंक टैंक के प्रमुख समीर सरन से भी चर्चा की.
वर्तमान व्यापार 60 अरब डॉलर के करीब: पुतिन
इस महीने की शुरुआत में खुद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी इस आर्थिक लक्ष्य को समय सीमा के भीतर हासिल करने पर पूर्ण भरोसा जताया था. पुतिन के अनुसार, वर्तमान में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार का मूल्य लगभग 58 से 60 अरब डॉलर के बीच पहुंच चुका है. उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रयासों को तेज करने और इससे भी बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए दोनों पक्षों के पास सभी अनुकूल व जरूरी परिस्थितियां मौजूद हैं. हालांकि, वर्तमान में चीन 151.1 अरब डॉलर के व्यापार के साथ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है, लेकिन रूस के साथ भारत की बढ़ती गतिशीलता इस समीकरण को नया आयाम दे रही है.
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी दोनों देशों की मजबूत भागीदारी
क्रेमलिन ने भारत को हर क्षेत्र में असीम क्षमता वाला देश बताते हुए कहा कि नई दिल्ली के साथ मॉस्को के संबंधों का हमेशा से एक "खास दर्जा" (Special Status) रहा है. पेस्कोव ने जोर देकर कहा कि दोनों देश केवल द्विपक्षीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों और बहुपक्षीय मंचों पर भी अपनी सक्रिय भागीदारी के माध्यम से एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं. रूस उभरती हुई बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था में भारत के साथ अपने इन रणनीतिक संबंधों को और बेहतर बनाने को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है.
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